एमआईजी और एलआईजी फ्लैट बनाने का काम एलएंडटी लिमिटेड और ईडब्ल्यूएस फ्लैट बनाने का काम सिंटेक्स को दिया गया है।
देवपुर पारा में चार हजार फ्लैटों की स्कीम बनाने के लिए कंपनियां तय कर ली गई हैं।
करीब 800 करोड़ रुपये की इस परियोजना का निर्माण बहुत जल्द ही शुरू किया जाएगा।
पहली बार गरीब आवासों के लिए लिफ्ट का भी इंतजाम होगा। देवपुर पारा में साइट ऑफिस बनाए जा रहे हैं।
इन आवासों का पंजीकरण थोड़ा निर्माण होने के बाद खोला जाएगा। यहां आश्रयहीन के पूर्व आवंटियों के लिए एक ब्लॉक बनाकर पहले उनका पुनर्वास एलडीए करेगा।
एलडीए की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है और दो बड़ी कंपनियों को यह काम दिया गया है।
बड़े फ्लैट एलएंडटी बनाएगी। एलएंडटी ने इससे पहले राजधानी में रिवर व्यू एंक्लेव और वनस्थली योजना का काम किया है।
सरगम अपार्टमेंट कंपनी बना रही है। जबकि, सिंटेक्स ने सुलभ स्कीम के फ्लैटों का निर्माण किया है।
जो टेंडर पारा के लिए एलडीए ने किया है, उसमें यहां पूर्व में बने हुए 1700 आश्रयहीन भवनों को ढहाया जाना भी शामिल होगा।
इसके बाद 2100 ईडब्ल्यूएस बनाए जाएंगे। इनकी कीमत 2.75 लाख रुपये होगी।
इनका क्षेत्रफल करीब 25 वर्ग मीटर होगा। 400 एलआईजी के प्रत्येक फ्लैट बनेंगे। जिनकी कीमत 5.08 लाख रुपये होगी।
इनका क्षेत्रफल करीब 32 वर्ग मीटर होगा। जबकि, 1500 एफोर्डेबल फ्लैट बनाए जाएंगे।
इनका क्षेत्रफल लगभग 40 वर्ग मीटर कीमत लगभग सात लाख रुपये तय की गई।
देवपुर पारा आश्रयहीन योजना के पुराने आवंटियों को एलडीए की ओर से बड़ी राहत दी जा रही है।
पुराने भवनों को ढहाने से पहले पुनर्वास के लिए नया ब्लॉक बना कर इन आवंटियों को उनमें शिफ्ट किया जाएगा। इसके बाद आश्रयहीन भवन ढहाए जाएंगे।
यहां रहने वाली कुछ महिलाओं ने एलडीए में शिकायत की है कि, यहां चहारदीवारी का काम कर रहे ठेकेदार ने उनको धमकाया है कि, अब उनके भवन ढहा दिए जाएंगे।
जिसके बाद स्पष्ट किया गया है कि सबसे पहले आश्रयहीन भवनों के पुराने आवंटियों को फ्लैट दे दिए जाएंगे।
इसके बाद ही उनके भवन ध्वस्त करे जाएंगे। देवपुर पारा में 1998 में 1700 आश्रयहीन भवनों का निर्माण किया गया था। मगर ये भवन भ्रष्टाचार के चलते कंडम हो गए।
प्राधिकरण ने इन भवनों के ध्वस्तीकरण का फैसला किया था। इनकी जगह पर ही देवपुर पारा में गरीबों की नई स्कीम बनाई जा रही है।
पहली बार गरीबों के लिए बनने वाली बिल्डिंग 12 मंजिल की होगी। जिसमें लिफ्ट की सुविधा भी मिलेगी। यह प्रयोग गरीबों की योजना में प्राधिकरण कर रहा है।
इससे पहले ईडब्ल्यूएस और एलआईजी में जी प्लस थ्री के आधार पर अपार्टमेंट का निर्माण किया जाता रहा है।
इस बार 12 मंजिल का अपार्टमेंट होगा, ताकि अधिक आवास दिए जा सकें।