उत्तर और पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के अधिकांश रेलवे स्टेशनों पर टिकट बाबुओं का यह खेल चल रहा है। काउंटर पर अधिक भीड़ का फायदा उठाकर टिकट बाबू बहुत ही सफाई से यात्रियों के 500 रुपये के नोट को 100 रुपये में बदल रहे हैं।
बीते 12 अक्तूबर को एक गरीब परिवार ने चार टिकटों के लिए 1500 रुपये टिकट बाबू को दिए। बाबू को 350 रुपये वापस करने थे लेकिन उसने कहा कि दो नोट पांच सौ और एक सौ का था। 50 रुपये और लगेंगे।
यात्री की मिन्नतों के बाद टिकट नहीं मिला। इस पर यात्री उप स्टेशन अधीक्षक के पास पहुंचा। टिकट बाबू को बुलाया गया तब मामला खुला।
बुकिंग काउंटरों पर गरीब जनता को ठगने के यह मामले रेलवे बोर्ड तक पहुंच गए हैं। इसे देखते हुए अब बोर्ड ने रेल आरक्षण केंद्रों की तर्ज पर जनरल टिकट बेचने वाले बुकिंग काउंटरों पर भी औचक छापामारी के लिए स्पेशल विजिलेंस टीम को भेजने के आदेश दिए हैं।