रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने रेल किराया न बढ़ाने की बात कहकर आम जनता को राहत दी है। लेकिन किसी नई ट्रेन की घोषणा न होने पर यूपी की उम्मीद पर पानी फिर गया। हालांकि उन्होंने रिव्यू के बाद इस पर कोई घोषणा करने की बात कही।
लखनऊवासियों को माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए कटरा तक एक सीधी ट्रेन का की उम्मीद थी जिसके लिए उन्हें थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है।
हालांकि रेलमंत्री ने अपने बजट भाषण में ट्रेन की स्पीड और क्वालिटी को सुधारने की भी बात कही।
रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे में सफर करने वाले 95 फीसदी लोग आम आदमी होते हैं। हम उनके हितों, वरीयता और शिकायतों को ध्यान में रखेंगे।
उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए हमें 20,000 लोगों ने अपने सुझाव दिए। उनमें से कई सुझावों को इस बजट में शामिल किया है।
लखनऊ से मुंबई जाने वालों को भी आस
यूपीवासियों को उम्मीद थी कि गोरखपुर से तीन जबकि लखनऊ से दो नई ट्रेनों को चलाने का प्रस्ताव रेल बजट में शामिल हो सकता है।
और लखनऊ से मुंबई के लिए एसी दूरंतो एक्सप्रेस ट्रेन का तोहफा मिल सकता है, रेल मंत्री के आश्वासन के बाद ये उम्मीद अभी भी बाकी हैं।
उन्होंने ये भी कहा कि रातोंरात सब कुछ नहीं बदला जा सकता। रेलवे में कुछ नया जोड़ना होगा और कुछ पुराना बदलना होगा। रेलवे के विकास के लिए कुछ रास्ते बदलने होंगे।
मिली ये खुशखबरी
इसी तरह लखनऊ-कटरा साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन चलाने की तैयारी थी जिसे गोरखपुर से लखनऊ होकर चलाने का प्रस्ताव बनाकर रेल बजट के लिए भेजा गया था।
इस ट्रेन में शहरवासियों को आसानी से रेल आरक्षण मिलने से उनकी बेगमपुरा एक्सप्रेस पर निर्भरता कम हो जाती।
लखनऊ से अरुणाचल प्रदेश को जोड़ने के लिए नई दिल्ली से ईटानगर राजधानी एक्सप्रेस की भी आस राजधानीवासियों को है फिलहाल इसकी घोषणा नहीं की गई।
ईटानगर में रेल कनेक्टिविटी का उद्घाटन पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। रेलमंत्री ने हर यात्री गाड़ी में मोबाइल चार्जिंग की सुविधाएं, साफ-सफाई की व्यवस्था, महिला सुरक्षा पर जोर और चार महीने पहले रिजर्वेशन जैसी कई खुशखबरी दी हैं।