सूबे की कुल 65 जेलों में रविवार को छापे मारे गए जिसमें मोबाइल फोन, चाकू, मादक पदार्थ व अन्य प्रतिबंधित सामग्री बरामद हुई है। इस छापामारी में प्रतापगढ़ केंद्रीय कारागार व महिला बंदी निकेतन को शामिल नहीं किया गया। छापामारी में कई जेलों में मोबाइल फोन, चार्जर, मादक पदार्थ, ब्लेड, कट्टन (चम्मच को घिस कर बनाया गया चाकू), बेल्ट, बियर की बोतल, नकदी आदि बरामद हुए।
मुरादाबाद जेल के एक कैदी से तो बांग्लादेश बॉर्डर व दिल्ली के स्टेडियम का नक्शा बरामद हुआ। जिस कैदी से यह नक्शे बरामद हुए, उससे पूछताछ की जा रही है। एकाएक हुई इस कवायद की कुछ आला जेल अधिकारियों के अलावा अन्य किसी अधिकारी को सूचना नहीं थी।
यह हुई बरामदगी
मुरादाबाद जेल - हत्या के आरोपी एक कैदी सईद के पास से बांग्लादेश बॉर्डर व दिल्ली स्टेडियम के नक्शे बरामद हुए। इसके अलावा बीड़ी व कैंची भी मिली।
प्रतापगढ़ जेल - चार मोबाइल, खाना बनाने के बर्तन, कट्टन (चाकू), बीयर के कैन। (यहां एक कैदी के पास से आठ हजार रुपये भी बरामद होने की सूचना है, लेकिन अफसरों ने इसकी पुष्टि नहीं की।)
कौशांबी जेल - एक मोबाइल, चार लाइटर, दो ब्लेड
देवरिया जेल - तीन कैंचियां, चार कट्टन (चाकू), रस्सी, नकद रुपये
नकद रुपये से लेकर सिरिंज तक सब मिला
गोरखपुर जेल - चार मोबाइल, गुटखा, बीड़ी, सिगरेट, 13590 रुपये नकद
कन्नौज जेल - इस्तेमाल सिरिंज। (आशंका है कि नशीले इंजेक्शन की सिरिंज है।) (यहां भी मोबाइल बरामद होने की सूचना है पर इसकी पुष्टि नहीं की जा रही है।)
बलिया जेल - एक सिम कार्ड, मोबाइल चार्जर, एक डायरी।
सुल्तानपुर जेल - तीन कट्टन (चाकू), एक लाइटर। (यहां मोबाइल, नशीले इंजेक्शन, माचिस व ब्लेड बरामद होने की भी सूचना है, लेकिन अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की।)
बाराबंकी जेल - चाकू व एक लाइटर बरामद।
फैजाबाद जेल में ब्लेड व चाकू बरामद।
पीलीभीत जेल - कारागार के चिकित्सालय में बगैर अनुमति के प्रभावशाली कैदी आराम फरमाते मिले।
कानपुर नगर जेल - ताश की गड्डी, तीन चम्मच, तीन लाइटर, दो टूटे लाइटर
बिजनौर जेल - एक मोबाइल फोन, 19370 रुपये नकद।
फतेहगढ़ जेल - एक मोबाइल फोन चार्जर, खाना बनाने के बर्तन, एक पैकेट गांजा।
फैजाबाद जेल - ब्लेड, दो लाइटर, दो बेल्ट।
उन्नाव जेल - मोबाइल फोन का एक चार्जर, तीन पुड़िया मादक पदार्थ, नकद रुपये।
हरदोई जेल - बेल्ट, कैंची व अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं।
आजमगढ़ जेल से बरामद हुए थे 58 मोबाइल
कुछ दिनों पहले आजमगढ़ के एसएसपी व सीडीओ ने जिला कारागार में छापा मारा था। इसमें जेल की एक बैरक से कुल 58 मोबाइल फोन मय सिमकार्ड बरामद हुए थे।
इस मामले में जेलर समेत कुल पांच लोगों को निलंबित भी किया गया था। जिला पुलिस ने औपचारिक रिपोर्ट कुछ दिनों पहले शासन को भेजी थी। इसके बाद से ही यह तय था कि प्रदेश के अन्य जिलों में जल्द ही छापामारी होगी।
नहीं दी थी छापामारी की जानकारी
गृह विभाग के उच्च अफसरों ने जेलों में छापामारी के लिए अगले सप्ताह का समय तय किया था। अधिकारियों को भी कहा गया था कि वे इसके लिए तैयार रहें।
फिर एकाएक रविवार की सुबह ही छापामारी करने को कहा गया। प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पंडा ने कहा कि ऐसा जानबूझ कर किया गया था, ताकि गोपनीयता बनी रहे और अभियान के बेहतर नतीजे मिल सकें।
अब होगी दोषी जेल अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई
छापामारी के दौरान जेलों में बरामद हुई आपत्तिजनक वस्तुओं व निरीक्षण में पाई गई अनियमितताओं की रिपोर्ट ऊपर तक तलब की गई है।
माना जा रहा है कि इस बार कैदियों को सुविधा मुहैया कराने वाले जेल कर्मियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई होगी। प्रमुख सचिव गृह ने कहा कि जांच में जो भी दोषी मिला, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
सरकार ने माना यह हुई बरामदगी
डीजीपी मुख्यालय के मुताबिक जेलों में छापामारी की कार्यवाही में 60348 रुपये नकद, 24 लाइटर, 9 मोबाइल, 4 सिम, 11 चाकू, एक डाटा कनेक्शन, एक एडॉप्टर, 3 चार्जर, 110 ग्राम गांजा, तीन पैकिट गांजा, 50 ग्राम भांग, 12 बंडल बीड़ी, 1 पैकेट सिगरेट, 108 पाउच गुटखा, 3 माचिस पैकिट, 2 चिलम, 2 बैट्री, 5 पेन ड्राइव, 25 ग्राम चरस, 3 मेमोरी कार्ड, 1 नक्शा बांग्लादेश बॉर्डर, 1 दिल्ली स्टेडियम का नक्शा व शराब की खाली बोतलें बरामद हुईं।