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लखीमपुर बवाल: प्रियंका और राहुल के दबाव में बैकफुट पर आई सरकार, विपक्षी नेताओं को पीड़ितों से मिलने दिया

Wed, 06 Oct 2021 08:49 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी से कांग्रेस में बौखलाहट है। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी के साथ लखीमपुर खीरी जाएंगे।
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रियंका गांधी और राहुल गांधी की लखीमपुर जाने की जिद के आगे सरकार को झुकना पड़ा। राहुल गांधी नई दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस कर लखनऊ आने का एलान कर रहे थे और सरकार इसका रास्ता तलाश रही थी। राहुल गांधी के लखनऊ पहुंचने से पहले ही सरकार ने राजनैतिक दलों के नेताओं के लखीमपुर जाने की रोक को हटा लिया। राहुल गांधी को भी पांच लोगों के साथ लखीमपुर जाने की इजाजत दे दी गई।

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दरअसल सरकार ने लखीमपुर के मामले का हल घटना के 22 घंटे में ही निकाल लिया था और स्थिति बहुत तेजी से सामान्य हो रही थीं। लेकिन प्रियंका गांधी की लखीमपुर जाने की जिद और पुलिस की न जाने देने की जिद के कारण गतिरोध बन गया था। कांग्रेसियों ने सीतापुर में मशाल जुलूस निकाला और दिल्ली में राहुल गांधी ने दो राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ पहले लखनऊ और फिर लखीमपुर जाने का एलान कर दिया।

राहुल की ओर से लिखा पढ़ी में इजाजत भी मांगी गई लेकिन प्रदेश सरकार ने अनुमति नहीं दी। इसके बावजूद राहुल गांधी लखनऊ आने की जिद पर अड़ गए। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ लखनऊ पहुंच गए जहां से लंबी जद्दोजेहद के बाद लखीमपुर खीरी के लिए रवाना हो गए।
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सीतापुर, लखीमपुर और बहराइच में बंद की गई इंटरनेट की सेवाएं
राहुल गांधी के दौरे और कांग्रेस के रुख को देखते हुए शासन और प्रशासन किसी रियायत के मूड में नहीं था। किसी तरह की अफवाह न फैले और माहौल खराब न होने पाए, इसे देखते हुए लखीमपुर, सीतापुर और बहराइच के जिलाधिकारियों ने इंटरनेट की सेवा को डाउन कराने का फैसला ले लिया।

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अखिलेश यादव और सतीश मिश्रा बृहस्पतिवार को लखीमपुर खीरी जाएंगे

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा भी बृहस्पतिवार को लखीमपुर खीरी रवाना होंगे। दोनो नेता तिकुनिया प्रकरण में मृतकों के परिजनों से मुलाकात करेंगे। किसानों का मामला होने के कारण सपा और बसपा इस प्रकरण में पीछे नहीं रहना चाहती हैं और स्थानीय कार्यकर्ताओं को भी कहा है कि पूरे प्रकरण पर नजर रखी जाए। वहीं अखिलेश इस दौरान स्थानीय किसानों से बातचीत भी करेंगे।

दरअसल तीन अक्टूबर को तिकुनिया में बवाल के बाद रात को ही सतीश मिश्रा वहां के लिए रवाना हो रहे थे पर उनके आवास पर भारी पुलिस बल तैनात कर उन्हें वहां जाने से रोक दिया गया था। बाद में उन्हें नोटिस भी जारी किया गया जिसके चलते मिश्रा लखीमपुर नहीं जा सके थे। इस पूरे प्रकरण में जहां कांग्रेस ने वहां जाने के लिए पूरी ताकत लगाई तो सपा भी इस मामले को गंभीरता से लिया। किसानों का मामला होने के कारण बसपा इस प्रकरण में पीछे नहीं रहना चाहती है और स्थानीय कार्यकर्ताओं को भी कहा है कि पूरे प्रकरण पर नजर रखी जाए।
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