इस बार के चुनाव में राहुल गांधी के अमेठी से चुनाव लड़ने की मांग कांग्रेसी कर रहे थे। हर कोई यह मानकर चल रहा था कि राहुल गांधी ही चुनाव लड़ेंगे। इसको लेकर धरना प्रदर्शन तक हुआ लेकिन, नामांकन के अंतिम दिन एकाएक किशोरी लाल शर्मा को प्रत्याशी बना दिया गया। हालांकि किशोरी लाल शर्मा गांधी परिवार के करीबी हैं। वह वर्ष 1983 से गांधी परिवार से जुड़े हुए हैं। उनके चुनाव प्रचार की कमान खुद प्रियंका गांधी वाड्रा ने संभाल रखी है। यह बात अलग है कि राहुल गांधी के यहां से चुनाव न लड़ने को लेकर विपक्ष कई तरह के आरोप लगा रहा है।
इन सबके बीच शुक्रवार को यहां पर सभा करने पहुंचे कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी अमेठी से अपने रिश्तों को लेकर खुलकर बोले। कहा कि अमेठी पहली बार वह 42 साल पहले आए थे। उस वक्त वह 12 साल के बच्चे थे। पिता राजीव गांधी के साथ आया था। कहा कि जो भी राजनीति में मैंने सीखा है, वह अमेठी की जनता ने मुझे सिखाया है। 12 साल की उम्र में आया था, उस समय यहां पर सड़कें नहीं थी, ऊसर जमीन थी कोई विकास नहीं था। कहा कि अमेठी का मेरे पिता से जो रिश्ता था, मोहब्बत थी। वह मैंने अपने आंखों से देखा था, वही मेरी भी राजनीति है।