एक-दूसरे को अच्छा लड़का बताने वाले अखिलेश यादव और राहुल गांधी आखिरकार साथ आ गए। दोनों लखनऊ में रविवार को एक साथ मीडिया से मुखातिब हुए। सपा-कांग्रेस गठबंधन का थीम सॉन्ग ‘यूपी को यह साथ पसंद है’ रिलीज किया और रोड शो निकाला।
राहुल ने कहा- भाजपा व संघ की गुस्से की राजनीति को रोकने के लिए गठबंधन किया है तो अखिलेश ने कहा कि इस गठबंधन से लोगों में भरोसा पैदा होगा।
विकास व खुशहाली के रास्ते पर ले जाएंगे यूपी को
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि साइकिल को हाथ का साथ और हाथ को साइकिल मिल जाने से अब रफ्तार बहुत तेज होगी। प्रदेश को हम तेजी से विकास और खुशहाली के रास्ते पर ले जाएंगे।
प्रगति, खुशहाली व शांति के लिए गठबंधन
- फोटो : amar ujala
अखिलेश ने कहा, राहुल गांधी और हम लोकसभा में साथ-साथ रहे हैं। कार्यक्रमों में मिलते रहे हैं, एक-दूसरे को जानते हैं। खुशी है कि अब एक साथ मिलकर काम करने का मौका मिलेगा। यूपी आबादी के लिहाज से बहुत बड़ा है। यह देश को रास्ता दिखाता रहा है। प्रधानमंत्री यहीं से निकलकर जाते हैं।
दोनों दलों का गठबंधन प्रगति, खुशहाली और शांति के लिए लोगों का गठबंधन है। सपा ने जिस रफ्तार से तरक्की, खुशहाली के लिए काम किया है, राहुल और कांग्रेस के आने से उसमें और तेजी आएगी। इसमें किसी को शक नहीं है कि हम 300 से ज्यादा सीट जीतने जा रहे हैं। हम भरोसा पैदा करेंगे, साथ मिलकर चलेंगे।
अखिलेश ने कहा, सोचो, साइकिल को हाथ मिल जाए और हाथ को साइकिल तो रफ्तार कितनी तेज होगी। कुछ लोग भाईचारे पर सवाल उठाते हैं, पर, अब प्रेम और सद्भाव बढ़ाने की शुरुआत हुई है। चुनाव में कम वक्त बचा है। लोग मन बनाकर बैठे हैं कि किसकी सरकार बनानी है। यूपी से देश में संदेश जाएगा। हम और राहुल मिलकर देश को तरक्की और खुशहाली की ओर से जाने का काम करेंगे।
राहुल बोले- गंगा-यमुना के संगम से निकलेगी विकास की सरस्वती
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपा-कांग्रेस के गठबंधन को गंगा-यमुना का संगम बताया। कहा, इसी से विकास की सरस्वती निकलेगी। इस गठबंधन से प्रदेश को तरक्की, खुशहाली और शांति मिलेगी।
राहुल ने कहा, उत्तर प्रदेश में पहला अक्षर उत्तर है। अखिलेश और मेरा, सपा-कांग्रेस का गठबंधन यूपी की जनता का जवाब (उत्तर) है। इतिहास बताता है कि यूपी ने हमेशा दुनिया को जवाब दिया है। 1857 में ईस्ट इंडिया कंपनी के राज को जवाब दिया।
इस गठबंधन से क्रोध, बांटने की राजनीति करने वाले भाजपा व आरएसएस को जवाब मिलेगा। सपा-कांग्रेस का गठबंधन गंगा-यमुना का मिलन है। इससे विकास की सरस्वती निकलेगी। लोगों में भाईचारा बढ़ेगा, प्रदेश आगे बढ़ेगा। कहा, मुझे सपा-कांग्रेस गठबंधन की खुशी है। अखिलेश और मेरे बीच निजी संबंध थे। अब राजनीतिक रिश्ते गहरे हो रहे हैं।
राहुल ने कहा, राम मंदिर का मामला अदालत में विचाराधीन हैं। कोर्ट जैसा कहेगा, वैसा ही होगा। भाजपा को चुनाव से पहले ही मंदिर निर्माण की याद आती है।
सवालों पर अखिलेश और राहुल के जवाब
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गठबंधन क्यों किया
राहुल : भाजपा, आरएसएस की गुस्से की राजनीति को रोकने के लिए। यह गठबंधन युवाओं के बेहतर भविष्य और प्रदेश के विकास व तरक्की के लिए हैं। अखिलेश की नीयत ठीक है हम युवा सोच को आगे बढ़ाना चाहते हैं।
अखिलेश : सपा और कांग्रेस ने प्रदेश की सत्ता में वापसी के लिए गठबंधन किया है।
प्रधानमत्री मोदी पर
राहुल : उनकी नीयत ठीक नहीं
मोदी भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलते हैं, मेक इन इंडिया और स्टार्ट अप की बातें करते हैं, लेकिन उनकी नीयत ठीक नहीं हैं। पंजाब में सुखबीर बादल के लिए वोट मांगते हैं लेकिन ईमानदारी की बात करते हैं, यह विरोधाभासी है।
अखिलेश : जनता देगी जवाब
जिन्होंने नोटबंदी के लिए लोगों को लाइन में खड़ा किया, तकलीफ दी, परेशान, लोग वोट की लाइन में लगकर उन्हें जवाब देंगे।
सोनिया-मुलायम के जॉइंट कैंपेन पर
राहुल : मैं रणनीति का खुलासा नहीं करूंगा। विचारधारा से जुड़े सभी लोगों का स्वागत है।
अखिलेश : हम पर उनका आशीर्वाद बना रहे तो हम लड़ाई जीत जाएंगे।
मोदी पर गरम, माया पर नरम
पीएम मोदी पर निशाना साधने वाले राहुल बसपा सुप्रीमो मायावती पर नरम दिखे। कहा, मायावती और कांशीराम का मैं निजी तौर पर सम्मान करता हूं। भाजपा की विचारधारा से देश को खतरा है लेकिन मायावती की विचारधारा से देश को कोई खतरा नहीं है।
वहीं, अखिलेश ने कहा, मैंने तो उन्हें बुआ कहना बंद कर दिया है। गठबंधन में बसपा को भी शामिल करने पर बोले, उनका चुनाव चिह्न हाथी था, उसे ज्यादा जगह देनी पड़ती। हम और राहुल शायद उन्हें उतनी जगह नहीं दे पाते।
मायावती को मंजूर नहीं तारीफ
मायावती ने कहा कि सपा और कांग्रेस का गठबंधन भाजपा के इशारे पर हुआ है। यह स्वार्थ की राजनीति है। हमें स्वार्थी और नापाक गठबंधन से सावधान रहना होगा।
भाजपा ने साधा निशाना
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्य ने कहा कि दोनों शहजादे कभी कोई वादा पूरा नहीं कर सके। सपा और कांग्रेस के साथ अघोषित तौर पर बसपा का भी गठबंधन है।