प्रमोशन के लिए आयोजित दौड़ में हिस्सा लेने आए सिपाहियों ने बुधवार दोपहर पुलिस लाइन में हंगामा किया। सूबे के विभिन्न जिलों से आए सिपाहियों में से अधिकतर फेल हो गए थे।
सिपाहियों का कहना है कि उन्होंने सही समय पर दौड़ पूरी कर ली थी लेकिन तकनीकी गड़बड़ी के कारण उन्हें असफल घोषित कर दिया गया।
पुलिस प्रोन्नति एवं भर्ती बोर्ड के सचिव अमिताभ यश ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज निकलवाकर जांच कराने के बाद परिणाम घोषित करने की बात कही है। इसमें तीन दिन लगेंगे।
फायर सर्विस चालक के 263, लीडिंग फायरमैन के 86 और फायर सेकंड अफसर के 17 पदों पर प्रमोशन के लिए मंगलवार से पुलिस लाइन में सिपाहियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा शुरू हुई थी।
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प्रत्येक अभ्यर्थी को 30 मिनट में 3200 मीटर (पुलिस लाइन के मैदान के आठ चक्कर) दौड़ लगानी थी। सबसे पहले तीनों पदों के 100 अभ्यर्थियों की दौड़ आयोजित की गई। इसमें मात्र 21 अभ्यर्थी ही पास घोषित किए गए।
फायर सेकंड अफसर के सभी पदों में मात्र एक ही अभ्यर्थी पास किया जा सका। इससे सिपाहियों में असंतोष फैल गया।
इस पर बोर्ड के एएसपी दिनेश कुमार सिंह जब मौके पर आए तो पता चला कि तकनीकी खराबी के चलते अभ्यर्थियों के चक्कर कंप्यूटर में रिकॉर्ड नहीं हो पाए हैं।
उन्होंने बुधवार दोपहर 12 बजे तक पुलिस लाइन में ही अभ्यर्थियों की समस्या के समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन निर्धारित वक्त पर कोई भी अफसर नहीं पहुंचा।
इससे गुस्साए अभ्यर्थियों ने अफसरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
बोर्ड के सचिव अमिताभ यश ने बताया कि दौड़ पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में हो रही है।
प्रत्येक अभ्यर्थी को एक कंप्यूटर चिप लगी पट्टी पहनाकर दौड़ाया जाता है। एक चक्कर पूरा करने पर अभ्यर्थी का टाइम कंप्यूटर में रिकॉर्ड हो जाता है।
सीसीटीवी कैमरे अभ्यर्थियों के एक-एक कदम पर नजर रखते हैं। यह रिकॉर्डिंग बोर्ड के पास सुरक्षित रहती है। कंप्यूटर रिकॉर्ड चेक करने पर अभ्यर्थियों के कई चक्कर मिस होने का पता चला है।
जिसने आठ चक्कर लगाए हैं, उसके छह या सात चक्कर ही रिकॉर्ड हुए हैं। अमिताभ यश का कहना है कि तकनीकी गड़बड़ी से कई अभ्यर्थी फेल घोषित हो गए हैं।
यह काम एक निजी कंपनी को दिया गया था। शिकायत मिलने के बाद मशीनें बदलवा दी गई हैं। अब दौड़ में कोई समस्या नहीं है।
जिन अभ्यर्थियों को फेल किया गया है, उनका मामला बोर्ड की जानकारी में है। सबकी रिकॉर्डिंग चेक कराई जा रही है।
इसमें तीन दिन लगेंगे। इसके बाद जरूरी समझे जाने पर फेल अभ्यर्थियों की दोबारा दौड़ कराई जाएगी।
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