गांवों की राजनीति और आधुनिक जीवन की मूल्यहीनता को निर्ममता से उजागर
करने वाले साहित्यकार पद्मभूषण श्रीलाल शुक्ल का कालजयी उपन्यास ‘राग
दरबारी’ जल्द ही आपको रेडियो पर सुनाई देगा।
‘लंगड़’, ‘रंगनाथ’ और ‘सनीचर’
जैसे चरित्रों के व्यंग्यपूर्ण संवाद आपको गुदगुदाएंगे भी और सोचने पर
मजबूर भी करेंगे।
उपन्यास के रेडियो रूपांतरण की योजना आकाशवाणी में तैयार
की गई है। 13 एपिसोड वाले इस नाटक का प्रसारण श्रीलाल शुक्ल की जयंती, 31
दिसम्बर से शुरू होने की उम्मीद है।
आकाशवाणी
में मशहूर साहित्यकारों, गायकों और कला क्षेत्र से जुड़ी हस्तियों पर
रेडियो नाटक तैयार करवाए जाते हैं। इससे पहले मशहूर गजल गायिका पद्मविभूषण
बेगम अख्तर के व्यक्तित्व और गायकी और आकाशवाणी में कार्यक्रम प्रस्तुत
करने वाले रमई काका पर रेडियो नाटक बनाए जा चुके हैं।
अब इसी क्रम में इस
साल साहित्यकार श्रीलाल शुक्ल के उपन्यास ‘राग दरबारी’ पर रेडियो नाटक
बनाया जा रहा है। इसका पहला एपिसोड लेखक पद्मभूषण श्रीलाल शुक्ल के
व्यक्तित्व और लेखनी पर आधारित होगा। इसके बाद के 12 एपिसोड उपन्यास पर
होंगे।
‘राग दरबारी’ का प्रकाशन वर्ष 1968
में हुआ था। दो वर्ष बाद ही उपन्यास को साहित्य अकादमी पुरस्कार से
सम्मानित किया गया। इतना ही नहीं वर्ष 1986 में उपन्यास पर दूरदर्शन
धारावाहिक बना जो काफी चर्चित और लोकप्रिय रहा।
इसके
अलावा आकाशवाणी में जल संरक्षण पर भी रेडियो नाटक बनाया जाएगा। जिसका
उद्देश्य लोगों को जल संसाधनों की खपत कम करने और उसके संरक्षण के प्रति
जागरुक करना होगा। यह भी 13 कड़ियों का होगा।