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आतंकी की पहचान पर उठे सवाल, आबिद पाक का आतंकी या भारत का प्रवीण

Sat, 16 Jul 2016 01:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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आतंकी का अखबार में प्रकाशित फोटो व अन्य फोटो - फोटो : amar ujala
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राजधानी लखनऊ में विशेष न्यायालय ने बृहस्पतिवार को जिन तीन आतंकियों को पाकिस्तानी जैश ए मोहम्मद का दुर्दांत फिदाइन मानते हुए आजीवन कारावास की सजा दी है, उनमें से एक आबिद को मेरठ कैंट क्षेत्र निवासी प्रवीण कुमार बताया जा रहा है। सही पहचान सामने लाने के लिए उसके डीएनए जांच की मांग भी उठाई जा रही है।
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उसके परिवारीजन होने का दावा करने वालों ने शुक्रवार को लखनऊ में रिहाई मंच द्वारा आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि एक जुलाई को ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित आतंकियों की तस्वीर में एक उनका प्रवीण भी है। खबर में 14 जुलाई को सजा सुनाने की जानकारी थी।

इस पर वे 12 जुलाई को लखनऊ जेल पहुंचे, लेकिन उन्हें प्रवीण से मिलने नहीं दिया गया। प्रवीण को अपना भाई बताने वाले पवन और उसकी मां महेशदेवी ने मांग की है कि आबिद के डीएनए का उनके डीएनए से जल्द मिलान कराया जाए, ताकि सचाई सामने आए।
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दावे को पुख्ता बताते हुए प्रवीण की मां ने उसकी तस्वीर सबके सामने प्रस्तुत की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिहाई मंच के अध्यक्ष एडवोकेट मोहम्मद शुएब ने बताया कि एसटीएफ ने आबिद और उसके दो और साथियों को शुक्रवार 16 नवंबर 2007 को जैश ए मोहम्मद के पाकिस्तानी आतंकी के तौर पर गिरफ्तार किया था। परिवारीजनों ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2012 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका भी दाखिल की थी।

क्या हुआ था प्रवीण के साथ

फोटो दिखाती महेशदेवी - फोटो : amar ujala
महेशदेवी ने बताया कि 5 मई 2006 को मेरठ पुलिस के साथ मिलकर दिल्ली पुलिस पूछताछ के लिए प्रवीण को घर से उठाकर ले गई थी। उस समय मेरठ के एसएसपी नवनीत सिकेरा थे। 6 मई को दिल्ली में एक एनकाउंटर में पांच बदमाश मारे जाने की सूचना अखबारों से मिली।

इनमें असलम, अयूब, मनोज, संजय और एक अज्ञात शामिल था। उन्हें बताया गया कि पांचवां शख्स उनका बेटा प्रवीण है, लेकिन जब वे दिल्ली पहुंचे तो शिनाख्त में वह बाबू निकला। इस पर दिल्ली पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान प्रवीण मौजूद था, लेकिन भाग गया।

महेशदेवी के अनुसार कुछ पुलिस वालों ने बताया कि प्रवीण पुलिस के कब्जे में है। उसे भविष्य में किसी फर्जी मुठभेड़ में मारकर पुलिस अपना गुडवर्क दिखाएगी।

प्रवीण पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं है, लेकिन पुलिस ने तब दावा किया था कि वह बदमाश अयूब के साथ काम करता था। पवन ने बताया कि तब वह 21 साल के थे और प्रवीण 27 साल के थे। परिवार में प्रवीण की पत्नी प्रभा व एक बेटा अंकुर है।

आबिद अगर प्रवीण है तो खुद को पाकिस्तानी क्यों बताता रहा?

प्रेस कांफ्रेंस में इस युवक ने खुद को आबिद का भाई बताया - फोटो : amar ujala
आतंकी होने के झूठे आरोप में साढ़े चार साल जेल काट चुके जियाउद्दीन जेल में आबिद के साथ कैद रहे। उनके अनुसार आबिद ने कभी उनसे नहीं कहा कि वह भारतीय है, न ही उसने कभी कोर्ट में खुद के प्रवीण होने की बात कही।

इस पर एडवोकेट मोहम्मद शुएब का कहना है कि प्रवीण को मई 2006 में ही मेरठ से उठाया गया था और 2007 में मुठभेड़ में गिरफ्तार दिखाया।

इस अवधि में उसके साथ ऐसा कुछ किया जा सकता है कि जिससे वह अपनी पहचान भूलने को मजबूर हो जाए। संभव है कि जिंदा रहने की कीमत पर उसने खुद को पाकिस्तानी आतंकी मान लिया हो।
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पहचान का संकट : दोनों में कौन सही?

खुद को आबिद की मां कहने वाली महेश देवी - फोटो : amar ujala
यूपी एसटीएफ के अनुसार : आबिद उर्फ फत्ते उर्फ सफदर उर्फ अयूब
- उम्र 36 साल, पिता-मोहम्मद रफीक
पता : मकान नंबर 23, गली नंबर 06, मजंग रोड, लाहौर (पाकिस्तान)

काम : जैश ए मोहम्मद का फिदाइन आतंकी
- यूपी एसटीएफ ने उसे 16 नवंबर 2007 को लखनऊ में टेढ़ी पुलिया के निकट मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था।

परिवार के अनुसार : प्रवीण कुमार
- उम्र 36 साल, पिता-गंगा राम

पता : कंकर खेड़ा, न्यू गोविंद पुरी, मेरठ (कैंट), यूपी

काम : ड्राइवर
-परिवार ने बताया कि प्रवीण को 5 मई 2006 में दिल्ली व मेरठ पुलिस उठाकर कर ले गई थी।
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