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भावी लेखपालों से पूछा.. ‘जूते चाटना’ का मतलब

Mon, 14 Sep 2015 01:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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रविवार को लखनऊ में रही लेखपाल भर्ती परीक्षा में एक अजब-गजब सवाल पूछा गया। मुहावरों के अर्थ बताने के वर्ग में पूछा गया सवाल अभ्यर्थियों को चकराता रहा।
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यह समस्या मुहावरे का अर्थ नहीं बल्कि सवाल को परीक्षा में पूछ जाने के औचित्य को लेकर थी।

परीक्षा के दौरान क्यूएस-2 पेपर सेट में 22 नंबर के सवाल में पूछा गया। ..जूते चाटना, का सही अर्थ चुनकर लिखिए? इसके विकल्प में क्रमश: जूतों का चमकदार बनाना, खुशामद करना, इधर-उधर घूमना और घूस देना उत्तर के रूप में दिए गए।
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दूसरे मुहावरे भी पूछे जा सकते थे

गोमतीनगर में परीक्षा देकर निकले एक अभ्यर्थी विजय शर्मा ने कटाक्ष करते हुए कहा कि मुझे तो लगता है कि यह सवाल केवल लेखपालों को अभी से मानसिक रूप से तैयार करने केलिए दिया गया है। भले ही उत्तर बी यानी खुशामद करना हो। लेकिन, हकीकत में तो चारों ही ठीक हो सकते हैं।

यह सवाल केंद्र पर चर्चा का विषय भी बना रहा। अभ्यर्थियों का कहना था कि कभी अपनी किताबों में तो इस मुहावरे को नहीं पढ़ा।

आज लेखपाल की परीक्षा में यह पहली बार ही पढ़ने को मिला है। इसकी जगह दूसरे मुहावरे भी पूछे जा सकते थे। इस मुहावरे को सवाल केरूप में शामिल करने का कोई अर्थ ही समझ नहीं आ रहा।
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