केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की मुख्य विषयों की पहली टर्म परीक्षा का पहला दिन गड़बड़ियों के नाम रहा। तकनीकी खामियों की वजह से कई स्कूलों में प्रश्नपत्र आधा घंटा लेट पहुंचा। वहीं छात्रों ने एक प्रश्न के दो विकल्प एक ही जैसे दिए जाने की भी शिकायत की है।
मंगलवार को हाईस्कूल की सोशल साइंस की परीक्षा थी। सुबह 11:30 बजे से दोपहर एक बजे तक परीक्षा होनी थी। ओएमआर शीट पहले ही स्कूलों को ऑनलाइन मुहैया करा दी गई थी। प्रश्नपत्र परीक्षा वाले दिन ही आना था। तकनीकी खामी की वजह कई स्कूलों में छात्रों को आधा घंटा देरी से प्रश्नपत्र मिला। इन स्कूलों में परीक्षा दोपहर 12 बजे से शुरू हुई और 1:30 पर खत्म हुई। प्रश्नपत्र में 60 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे गए थे, जिसमें से 50 प्रश्न करने थे। छात्रों ने बताया कि प्रश्न संख्या 40 के दिए गए विकल्प में गड़बड़ी थी। इस प्रश्न के दो विकल्प एक ही थे।
सीबीएसई के सिटी समन्वयक डॉ. जावेद आलम ने बताया कि सभी स्कूलों में प्रश्नपत्र लेट नहीं मिले। कुछ ही स्कूलों में समस्या आई। उन्होंने बताया कि बोर्ड पहले एनक्रिप्टेड कोड भेजता है, उसके बाद मेल आता है, थोड़ी प्रक्रिया के बाद ही प्रश्नपत्र प्रिंट करने के लिए मिलता है। इसमें देरी होने की संभावना बनी रहती है। वहीं सुबह नेटवर्क भी काफी धीमा था, इस वजह से भी समस्या आई होगी। उन्होंने बताया कि बोर्ड के साफ निर्देश हैं कि जिस स्कूल में परीक्षा देर से शुरू हो वहां पर छात्रों को उतना अतिरिक्त समय दिया जाए।
विकल्पों में उलझे छात्र
90 मिनट की परीक्षा में छात्रों को 50 प्रश्नों के उत्तर देने थे, लेकिन विकल्पों में छात्र उलझ कर रह गए। छात्रों ने बताया कि चार विकल्पों में से एक सही विकल्प चुनना था। लेकिन हर प्रश्न में दो विकल्प ऐसे दिए गए थे, जिनका मतलब एक जैसा ही निकलता था, ऐसे में सही विकल्प चुनने में मशक्कत करनी पड़ी। वहीं रीजनिंग के प्रश्नों ने भी छात्रों को काफी छकाया। इसमें दो वाक्य दिए होते हैं, जिनमें एक गलत बताना होता है और उसका कारण भी बताना होता है। ऐसे करीब आठ प्रश्न पूछे गए थे।
प्रश्न तो आसान ही थे, लेकिन विकल्प थोड़े उलझाऊ थे। हर चार में से दो विकल्पों के मायने तो एक ही जैसे थे। बाकी परीक्षा में कोई परेशानी नहीं हुई।
- दिव्यांश, छात्र
पेपर आसान था। काफी जल्दी खत्म हो गया। कुछ प्रश्नों के विकल्प चुनने में काफी सोच-विचार करना पड़ा। वहीं रीजनिंग के प्रश्न थोड़े कठिन लगे।
- रचित मानस, छात्र
बाकी सब प्रश्न तो ठीक थे, एसर्शन रीजनिंग के प्रश्नों के सही उत्तर लिखने में काफी सोचना पड़ा। इसमें बताना पड़ता है कौन सा वाक्य गलत है और क्यों है।
- यश, छात्र