फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Amethi Murder Case: हत्यारे कितने थे, किस वाहन से वारदात अंजाम देने आए? इन सवालों के अभी तक नहीं मिले जवाब

Fri, 04 Oct 2024 09:35 AM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी सिटी

सार

पुलिस सूत्रों के मुताबिक मौके से नौ कारतूस खोखा बरामद हुए हैं। एक जिंदा कारतूस भी मिला है। जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि वारदात अंजाम देने वाले तीन से अधिक हो सकते हैं।
विज्ञापन
Amethi Murder Case - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के शिवरतनगंज के अहोरवा भवानी कस्बे में शिक्षक, उनकी पत्नी व दो मासूम बेटियों को मौत की नींद सुलाने वाले कातिलों ने अधाधुंध कई राउंड फायरिंग कर वारदात अंजाम दी है। मौके से बरामद नौ खोखा व एक जिंदा कारतूस इसकी गवाही दे रही हैं। हालांकि हत्यारे कितने और किस वाहन से घटना अंजाम देने आए थे, इसके सिर्फ कयास लगाए जा रहे हैं। हत्यारे इतने शातिर निकले कि वारदात की किसी को भनक तक नहीं लग पाई। पुलिस भी अभी हाथ मलती नजर आ रही है।

विज्ञापन
Trending Videos

अहोरवा भवानी कस्बे के जिस मकान में शिक्षक परिवार रहता था। उसके आसपास कई दुकानें हैं। लेकिन कोई घटना को लेकर कोई कुछ बताने को तैयार नहीं है। पड़ोस में अमित मेडिकल स्टोर संचालित करने वाले राम मनोहन ने बताया कि उन्हें कुछ समझ में नहीं आया। गोलियों की आवाज सुनाई दी। तब वह चौकन्ना हुए। आसपास के लोग भी निकल आए। जिसके बाद इन लोगों ने पुलिस को सूचना दी। 

कुछ संदिग्ध बाइक पर देखे गए थे
दावा किया जा रहा है कि इस बीच ताबड़तोड़ फायरिंग हुई। जब पुलिस मौके पर पहुंची तब पता चला कि शिक्षक के परिवार को निशाना बना कर हमला किया गया है। कुछ लोगों ने बताया कि बाइक से कुछ लोग आए थे। वह संदिग्ध नजर आ रहे थे। लेकिन ज्यादा उनके बारे में कुछ पता नहीं चला। उसी के बाद यह घटना हुई है। दावा किया जा रहा है कि वारदात अंजाम देने में तीन से चार लोग हो सकते हैं।

मौके से एक जिंदा कारतूस भी मिला
पुलिस सूत्रों के मुताबिक मौके से नौ कारतूस खोखा बरामद हुए हैं। एक जिंदा कारतूस भी मिला है। जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि वारदात अंजाम देने वाले तीन से अधिक हो सकते हैं। हत्या में पिस्टल के इस्तेमाल का कयास लगाया है। हालांकि इस घटना को लेकर पुलिस भी बहुत कुछ बताने की स्थिति में नहीं है।

...मुकदमा दर्ज कराना शिक्षक परिवार को पड़ा भारी
अब तक की पुलिसिया जांच में यही पता चला है कि रायबरेली कोतवाली में शिक्षक की पत्नी द्वारा दर्ज कराया गया मुकदमा ही घटना की मुख्य वजह है। सूत्रों का कहना है कि 18 अगस्त को चंदन वर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। उसके बाद से ही शिक्षक परिवार ने रायबरेली छोड़ शिवरतनगंज के अहोरवा भवानी गांव में अपना ठिकाना बनाया था। 

इससे पहले शिक्षक सुनील कुमार प्रतिदिन अपडाउन करते थे। सुनील के साथी शिक्षक पवन कुमार ने बताया कि सुनील पहले रायबरेली से आते जाते थे, लेकिन पिछले करीब तीन माह से वह परिवार सहित यहीं रहने लगे थे। माना जा रहा है कि मुकदमा दर्ज कराने के बाद खतरों को देखते हुए शिक्षक ने अहोरवा भवानी में रहना शुरू किया।

चंद मिनटों में ही उजड़ गया शिक्षक का परिवार
शिक्षक परिवार पर जब गोलियां चलाई गईं तो अंधेरा हो चुका था। बताया जाता है कि करीब सात बजे की घटना है। एकाएक कई राउंड फायरिंग हुई। लोग जब तक कुछ समझ पाए, तब तक हमलावर घटना अंजाम देकर निकल गए। कुछ लोगों का कहना है कि करीब 10 से 15 मिनट तक गोलियों की आवाज सुनाई दी। उसके बाद सन्नाटा पसर गया। जब पुलिस पहुंची तब पता चला कि इतनी बड़ी घटना हो गई।

यह था मामला
छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज कराने पर एक शिक्षक, उसकी पत्नी और दो बच्चों की कल यानी गुरुवार की सरेशाम ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी गई। बृहस्पतिवार शाम करीब सात बजे शिवरतनगंज थाना क्षेत्र में घर में घुसकर इस वारदात को अंजाम दिया गया जिसके बाद वहां सनसनी फैल गई। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर जांच की।
विज्ञापन

बचाव में पत्नी व बच्चों को भी बनाया निशाना
शिवरतनगंज थाना क्षेत्र के अहोरवा भवानी कस्बे के मुख्य चौराहे पर किराए के मकान में शिक्षक सुनील कुमार (35) अपनी पत्नी, दो बच्चों के साथ रहते थे। सुनील पीएमश्री विद्यालय पन्हौना में सहायक अध्यापक थे। बृहस्पतिवार की शाम कुछ असलहाधारी लोग उनके आवास पर पहुंचे। बदमाशों ने सुनील कुमार को निशाना बनाते हुए फायरिंग कर दी। बचाव में आईं उनकी पत्नी व दो बच्चे भी गोली का शिकार हो गया। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें