फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

माफिया मुख्तार अंसारी की पार्टी का सपा में विलय, मकसद- सपा को मजबूत करना

Tue, 21 Jun 2016 08:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
अफजाल अंसारी (बायें) के साथ शिवपाल यादव - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव की चुनौतियों से रूबरू सत्ताधारी दल सपा ने पूर्वांचल में अपनी ताकत बढ़ाने के लिए माफिया का हाथ थाम लिया। डान मुख्तार अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल का मंगलवार को यहां सपा में विलय हो गया।
विज्ञापन


सपा महासचिव शिवपाल यादव ने कौमी एकता दल के अध्यक्ष व मुख्तार के बड़े भाई अफजाल अंसारी की मौजूदगी में इस विलय का ऐलान किया।

हालांकि मुख्तार के पार्टी में शामिल होने के सवाल पर पार्टी की ओर से साफ जवाब नहीं आया है। शिवपाल ने कहा कि जो लोग सपा में शामिल हैं, वे सामने हैं। मुख्तार से अभी कोई बात नहीं हुई है।

इस मौके पर अफजाल अंसारी ने कहा कि वह लोग मूल रूप से समाजवादी ही है।1994 तक सपा का ही झंडा लेकर चल रहे थे। किन्हीं कारणों से उन्हें अलग होना पड़ा था। शिवपाल ने भी कहा कि यह एक तरह से अंसारी भाई की घर वापसी है। इससे सपा मजबूत होगी।
विज्ञापन
Trending Videos

'भूमाफिया व अराजक तत्वों की पार्टी में जगह नहीं'

- फोटो : amar ujala
शिवपाल बोले, भूमाफिया व अराजक तत्वों की पार्टी में जगह नहीं कौमी एकता दल के सपा में विलय की चर्चा तो कई दिन से चल रही थी। पर, इसका पटाक्षेप आज आनन-फानन में हुआ।

एक घंटे के अंदर  पार्टी मुख्यालय पर शिवपाल यादव की प्रेस कॉंफ्रेंस बुलाकर विलय की घोषणा कर दी गई। विलय के वक्त मुख्तार के बड़े भाई और गाजीपुर के मोहम्मदाबाद से विधायक सिबगतुल्ला अंसारी भी मौजूद थे।

पूर्वांचल में मुख्तार की ही तरह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बाहुबली छवि वाले डी.पी. यादव को सपा में शामिल करने के सवाल पर शिवपाल ने कहा कि वह उनकी सूरत भी नहीं देखना चाहते। नाम लेना भी पसंद नहीं।

सपा किसी भूमाफिया, जमीन कब्जाने वालों और अराजक तत्वों को नहीं शामिल करेगी। अगर कोई पार्टी  में पहले से आ गया है और उसमें आज भी यह बुराइयां हैं तो उसे निकाला जाएगा।
विज्ञापन

अफजाल बोले, सपा के वोट काटना मंजूर नहीं

- फोटो : amar ujala
अफजाल ने कहा कि कई दल चाहते थे कि कौमी एकता दल का सपा में विलय न हो। जिससे समाजवादी पार्टी का वोट बिखर जाए। पर, उन्होंने और उनकी पार्टी के सदस्यों ने 18 जून को गाजीपुर में बैठक कर देश व प्रदेश की स्थिति पर विचार किया।

परिस्थितियों को देखते हुए एकमत से फैसला किया कि वोट कटवा की भूमिका ठीक नहीं है। इससे भाजपा जैसी सांप्रदायिक पार्टी को मजबूती मिलेगी। धर्मनिरपेक्ष शक्तियां कमजोर होंगी।

आरोप लगाया कि  केंद्र सरकार शिक्षा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का एजेंडा लागू कर रही है। वह नाकामियों को छिपाने के लिए समाज को बांटने का काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनता से छल किया है।

केंद्र सरकार और भाजपा उत्तर प्रदेश सरकार को बदनाम कर रही है।  इसीलिए कौमी एकता दल ने सांप्रदायिक शक्तियों से लड़ने के लिए सपा का साथ और ताकत देने के लिए विलय का फैसला किया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें