नेताजी ने कहा था, बिछड़ गए थे चलो फिर से एक हो जाएं। राज्यसभा चुनाव में हमारा इस्तेमाल कर हमसे किनारा कर लिया गया। हमें धोखा दिया गया। ये बातें कौमी एकता दल के अध्यक्ष अफजाल अंसारी ने कहीं। साथ ही कहा कि पूर्वांचल में सपा को औकात दिखा दी जाएगी।
अफजाल ने कहा, जब समाजवादी पार्टी के आठ से दस विधायक क्रॉस वोटिंग पर आमादा हो गए तो इसकी चिंता में इनकी मजबूरी हुई कि कौमी एकता दल का वोट हासिल किया जाए। इसके लिए पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी से बात करवाई गई और यूपी के वरिष्ठ मंत्री बलराम यादव को मेरे घर भेजा गया। उन्होंने प्रस्ताव रखा और शिवपाल सिंह से बात करवाई। कौमी एकता दल के लोगों ने प्रस्ताव मानकर सपा के पक्ष में वोट देने की बात मान ली।
उन्होंने बताया, दस जून को मैं शिवपाल और 11 जून को मुलायम सिंह से मुलाकात की। नेताजी ने मतदान में समर्थन करने के लिए धन्यवाद किया और भूली-बिसरी यादों का जिक्र करते हुए कहा कि हम बिछड़ गए थे। कहा कि साम्प्रदायिक ताकतों को रोकना है। 2017 के चुनाव में मतों का विभाजन न हो इसलिए कौमी एकता दल को सपा से मिलाया जाए।
अफजाल ने बताया, मैंने उनसे एक हफ्ते का समय मांगा था। इसके बाद शिवपाल यादव ने 21 तारीख को कौमी एकता दल और सपा के विलय की घोषणा कर दी। इसके बाद खबर आई कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इस विलय को गलत मानते हैं। बलराम यादव को सजा के तौर पार्टी से बर्खास्त कर दिया गया। फिर 25 जून को मीटिंग के बाद अखिलेश की जिद के आगे मुलायम सिंह को झुकना पड़ा। कोई भी फैसला मीडिया या समाज में लाने से पहले आपस में सहमति
न पिता को बेटे के आदर्श का पता है न बेटे को पिता के फैसले की कद्र है। बेचारे चाचा शिवपाल मुलायम सिंह को भगवान मानते है, भगवान और उनके भक्त की कोई कद्र नहीं। अफजाल ने कहा कि हमारे भाई मुख्तार की छवि खराब करने की कोशिश की गई। हमारे पूर्वजों ने स्वाधीनता की लड़ाई में बड़ी भूमिका निभाई है।