सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर प्राइमरी स्कूलों में 72,825 शिक्षकों की भर्ती प्रकिया में राज्य सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाने के विरोध में टीईटी उत्तीर्ण कैंडिडेट्स ने मंगलवार दोपहर को जमकर पथराव और नारेबाजी की।
प्रदेश के कई जिलों से राजधानी में जुटे इन लोगों ने विधानभवन घेराव के मक्सद से छितवापुर से करीब 12 बजे अपना काफिला शुरू किया।
कई घंटे बीत जाने के बाद भी सरकार या जिला प्रशासन की ओर से कोई हरकत न देखकर प्रदर्शनकारियों के सब्र का बांध टूट गया और वे 1.30 बजे के आस-पास बर्लिंग्टन चौराहे पर उत्पात मचाना शुरू कर दिए।
घंटों चली पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच मुठभेड़
प्रदर्शनकारियों ने पांच सिटी बसों पर पथराव किया और उन्हें बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर डाला। इतना ही नहीं गुस्साए इन परीक्षार्थियों ने कई दूसरे निजी वाहनों भी पथराव किया।
इधर, हाथ पर हाथ धरी बैठी पुलिस भी जागी और मामला बिगड़ता देख प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज करने लगी। पुलिस ने भी प्रदर्शनकारियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।
घंटों चली इस मुठभेड़ में प्रदर्शनकारियों समेत कई आम लोग भी घायल हो गए। बड़ा मंगल होने की वजह से सड़क पर रोज की अपेक्षा ज्यादा भीड़ थी, ऐसे में इस मुठभेड़ से आम लोग घंटों परेशान होते रहे।
अभी भी हजरतगंज से चारबाग के बीच जाम लगा हुआ है और पुलिस समझ नहीं पा रही है कि वह प्रदर्शनकारियों को कैसे नियंत्रित करे।
क्या है इनकी मांगें
प्रदर्शनाकारियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने टीईटी मेरिट के आधार पर शिक्षकों की भर्ती 12 सप्ताह में करने का आदेश दिया है।
अभी दस सप्ताह निकल चुके हैं अब शेष दो सप्ताह बचे हैं, फिर भी राज्य सरकार इस पर खामोश है, और कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।
उधर, प्रदेश सरकार या जिला प्रशासन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। बताते चलें कि राज्य सरकार ने कई बार भर्ती प्रक्रिया के लिए समय बढ़ाए जाने की बात कही है।