अनिल कुमार गुप्ता को हटाने के बाद अखिलेश सरकार ने गृह विभाग देखने के लिए नया अधिकारी नियुक्त कर दिया है।
दीपक सिंघल इससे पहले सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव रहे हैं। माना जाता है कि सिंघल शिवपाल यादव के काफी करीबी हैं और वह यादव परिवार की उम्मीदों को बेहतर समझकर काम कर पाएंगे।
गौरतलब है कि सीएम अखिलेश यादव ने पहले जावेद उस्मानी को मुख्य सचिव के पद से हटाकर आलोक रंजन को प्रदेश का सबसे बड़ा अधिकारी बनाया। अब, अनिल कुमार गुप्ता को हटाकर सिंघल को गृह विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा, सरकार ने बजट सत्र के ठीक पहले प्रमुख सचिव वित्त आनंद मिश्र को भी हटा दिया है। इन्हें प्रतीक्षा सूची में डाल दिया गया है।
प्रमुख सचिव गृह पर प्रदेश सरकार की गाज
बदायूं रेप और मर्डर केस में देश भर में आलोचना का
सामना कर रही प्रदेश सरकार ने आज बड़ा फैसला करते हुए प्रमुख सचिव गृह को
हटा दिया है।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने यह फैसला बदायूं में हुए रेप और मर्डर केस में हो रही प्रदेश सरकार की किरकिरी और शासन व्यवस्था में ढील के कारण उठाया।
गौरतलब है कि सूबे की सरकार पर मामले में कार्रवाई करने का दबाव बढ़ता जा रहा है, दबाव बढ़ता देख मुख्यमंत्री अखिलेश ने सीबीआई जांच के लिए भी हामी भर दी है।
मुख्य सचिव भी हटाये गए
इसके पहले प्रदेश सरकार ने बदायूं रेप कांड और बिजली संकट पर बुरी तरह घिरी अखिलेश सरकार ने शनिवार को अचानक मुख्य सचिव जावेद उस्मानी को हटा दिया।
उनके स्थान पर आलोक रंजन को सूबे का नया मुख्य सचिव बनाया गया है। रंजन अभी तक कृषि उत्पादन तथा अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त के पद पर तैनात थे।
1978 बैच के आईएएस अफसर रंजन ने शाम को पदभार भी संभाल लिया। वहीं, उस्मानी को प्रतीक्षा सूची में डाल दिया गया है।
माना जा रहा है कि उस्मानी को गवर्नेंस के मोर्चे पर विफलता और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अपेक्षाओं पर खरा न उतरने की वजह से हटाया गया।
बदायूं केस पर जमकर हो रही है सियासत
उल्लेखनीय हे कि पिछले कुछ समय से बदायूं मामले में जमकर सियासत हो रही है, कल रविवार को प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी पीड़िता के परिवार वालों से मुलाकात की थी।
वहीं भाजपा की महिला मोर्चा ने मामले पर विरोध जताने के लिए एनेक्सी का घेराव किया था।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी बदायूं जाकर पीड़ित परिवार से मुलाकात कर चुके हैं, राहुल ने प्रदेश सरकार द्वारा मुआवजा देने की फैसले की भी आलोचना की थी।