दलित सम्मेलन में भाग लेने आए कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी को राजधानी में जोरदार विरोध का सामना करना पड़ा। भाजपाइयों ने उन्हें जगह-जगह काले झंडे दिखाए और नारेबाजी की।
आरटीओ तिराहा पर काले झंडे दिखाने पर कांग्रेसियों ने भाजपाइयों पर पथराव कर उन्हें खदेड़ दिया तो गुस्साए भाजपाई वीआईपी रोड स्थित पकरी का पुल पहुंचे और राहुल के काफिले पर पथराव कर दिया। एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने विरोध किया तो उनके साथ हाथापाई की। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भाजपाइयों को काबू में किया।
यहां से भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष राय व नगर अध्यक्ष टिंकू चौरसिया, ऐशबाग के पार्षद साकेत शर्मा और बजरंग दल के जिला संयोजक किशन चौरसिया को पकड़कर कृष्णानगर कोतवाली लाया गया।
सूचना पाकर पहुंचे भाजपाइयों ने कोतवाली का घेराव करते हुए हंगामा किया। सीओ कृष्णानगर राजेश कुमार यादव ने बिना किसी कार्रवाई के भाजपाइयों को छोड़ा तब हंगामा शांत हुआ।
भाजपाइयों ने लगाए नारे तो एनएसयूआई के लोग भी उतरे
राहुल गांधी शाम करीब सवा चार बजे एयरपोर्ट पहुंचे और माल एवेन्यू स्थित प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय जाने के लिए निकले। जैसे ही उनका काफिला आरटीओ तिराहा पहुंचा, यहां पहले से मौजूद भाजपाई काले झंडे लहराने लगे।
काफिले में शामिल कांग्रेस के स्थानीय पदाधिकारी वाहन रोककर उतर गए और भाजपाइयों पर ईंट-गुम्मे चलाकर उन्हें खदेड़ दिया। भाजपाई तितर-बितर होकर पकरी का पुल पहुंचे।
इस बीच कांग्रेसियों के पथराव करने की जानकारी पाकर बजरंग दल, शिव सेना और राष्ट्रीय युवा वाहिनी के करीब 150 पदाधिकारी व कार्यकर्ता भाजपाइयों के समर्थन में आ गए। पुल के पास ही राहुल गांधी के स्वागत के लिए एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने टेंट लगाया था। उन्होंने विरोध किया तो हंगामा होने लगा।
भाजपाई राहुल विरोधी नारे लगाने लगे तो एनएसयूआई ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। दोनों पक्षों में हाथापाई और धक्का-मुक्की होने लगी।
बजरंग दल के कार्यकर्ता ईंट-पत्थर चलाने लगे
भाजपाइयों ने राहुल को काले झंडे दिखाए तो बजरंग दल के कार्यकर्ता ईंट-पत्थर चलाने लगे। इस पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया जिससे अफरा-तफरी मच गई।
भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष सहित अन्य लोगों को पकड़कर पुलिस कृष्णानगर कोतवाली ले आई। भाजपा के प्रदेश मंत्री वीरेंद्र तिवारी सहित अन्य पदाधिकारी कोतवाली पहुंच गए और पदाधिकारियों को छोड़ने की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
सूचना पाकर सीओ सहित आसपास के थानों की फोर्स वहां पहुंच गई। भाजपा नेताओं से बातचीत के बाद सभी को बिना शर्त छोड़ दिया गया।
एसओ कृष्णानगर विजय कुमार यादव का कहना है कि भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता एक-दूसरे के नेता के विरोध में नारे लगा रहे थे। पथराव की बात गलत है। भाजपाइयों को काले झंडे दिखाने पर कोतवाली लाया गया था। बाद में उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
शाम को सम्मेलन से राहुल के लौटते वक्त भी हजरतगंज इलाके में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा काले झंडे दिखाने की सूचना मिली। हालांकि, भाजपाइयों ने इससे इन्कार किया है।