निजीकरण के विरोध में लेसा के इंजीनियर्स व कर्मचारियों ने बुधवार से वर्क टू रूल आंदोलन शुरू कर दिया है। यानी अब ये सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक ही काम करेंगे। इससे राजधानी के नौ लाख बिजली उपभोक्ताओं के सामने संकट खड़ा हो गया है। क्योंकि अब अगर ट्रांसफार्मर जलने या अन्य किसी फॉल्ट से शाम को बिजली कटी तो यह सुबह से पहले ठीक नहीं की जा सकेगी।
वजह ये कि फॉल्ट दुरुस्त करने का कार्य बिना जेई और एई की मौजूदगी के संभव नहीं है। यह अलग बात कि उपकेंद्र लाइनमैन एवं श्रमिक जो शिफ्ट की ड्यूटी करते हैं, वो 24 घंटे कार्य करेेंगे। लेकिन उनसे सिर्फ उपभोक्ताओं की व्यक्तिगत शिकायतोें का निराकरण हो सकेगा।
वर्क टू रूल आंदोलन में मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता, उपखंड अधिकारी, जेई एवं राजस्व इकाई के लिपिक संवर्ग और टेस्ट इकाई के कर्मचारी शामिल हैं। वर्क टू रूल के दौरान शाम 5 बजे के बाद से दूसरे दिन सुबह 9 बजे तक 11 केवी लाइन में फॉल्ट आया तो 2000 घरों की बत्ती गुल हो जाएगी।
ट्रांसफार्मर जला तो 400 तक घर बिजली विहीन हो जाएंगे। यहीं नहीं 33 केवी लाइन में फॉल्ट से उपकेंद्र भी ठप हो सकता है, जिससे 8000 से 10,000 घरों को बिजली संकट झेलना पड़ेगा। वर्क टू रूल के दौरान इंजीनियर एवं कर्मचारी शाम 5 बजे तक भी कार्य नहीं करेंगे।
सुबह 10 बजे कार्यालय आएंगे और अपराह्न 3 से शाम 5 बजे तक चलने वाली विरोध सभा में शामिल होने चले जाएंगे। लेसा के दोनों मुख्य अभियंता अशोक कुमार एवं प्रदीप कक्कड़ खुद कहते हैं कि वह शाम 5 बजे के बाद कोई कार्य नहीं करेगा। उपभोक्ता कस्टमर केयर सेंटर एवं हेल्प लाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।
जेई-एई नहीं तो शट डाउन नहीं
- फोटो : amar ujala
वर्क टूल रूल आंदोलन के तहत जेई एवं एई ड्यूटी पर नहीं होंगे तो 11 केवी एवं 33 केवी लाइन का शट डाउन नहीं हो सकेगा। जेई संगठन के पावर कॉर्पोरेशन इकाई के अध्यक्ष राम इकबाल के मुताबिक 11 केवी लाइन में फॉल्ट आने पर उसकी बिजली बंद कराने (शट डाउन) का अधिकार जूनियर इंजीनियर को होता है। इसी प्रकार 33 केवी लाइन का शट डाउन लेने का अधिकार एई यानी एसडीओ को है। जब पांच बजे के बाद जेई एवं एई ड्यूटी पर नहीं होंगे तो फॉल्ट को ठीक करने के लिए शट डाउन नहीं हो सकेगा।
मध्यांचल में खुला कंट्रोल रूम
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक शुभ चंद झा ने वर्क टू रूल आंदोलन के के दौरान बिजली कटौती की समस्याओं का निराकरण कराने के लिए मध्यांचल मुख्यालय में कंट्रोल रूम खोला है। इसमें अधिकारी एवं कर्मचारी दो शिफ्ट में काम करेंगे। उपभोक्ता रात को बिजली कटने पर राकेश सिंह के मोबाइल नंबर 9415901107 और महात्मा जायसवाल के मोबाइल नंबर 9415901106 शिकायत कर सकते हैं। ये अधिकारी संबंधित उपकेंद्र पर समस्या बता ठेकेदार के माध्यम से उसका निराकरण कराएंगे।
बिजली जाए तो यहां बताएं
power cut
- फोटो : amar ujala
- हुसैनगंज कस्टमर केयर सेंटर 1912
- लेसा कंट्रोल रूम 9415005765
- वाट्सएप 8005495067