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लोहिया अस्पताल ने तोड़ी अव्यवस्था की हदें, मरीज हुए बेहाल

Tue, 02 Dec 2014 12:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में संविदा पर तैनात 150 कर्मचारियों ने नियमित करने की मांग को लेकर सुबह आठ से नौ बजे तक कामकाज ठप रखा। अस्पताल में कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के चलते ओपीडी से वार्ड तक अव्यवस्था हो गई।
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सफाई कर्मचारियों और वार्ड ब्वॉय के कार्य बहिष्कार के चलते अस्पताल परिसर में सफाई का काम नहीं हो सका। इसके चलते सुबह आठ बजे अस्पताल पहुंचे मरीजों को एक घंटे तक इलाज के लिए इंतजार करना पड़ा।

उधर, कोई सुनवाई होती न देख कर्मचारियों ने सीएमएस डॉ. आरसी अग्रवाल और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओंकार यादव का घेराव कर दिया। इसके बाद अधिकारियों ने उनकी मांग को शासन तक पहुंचाने की बात कहकर मामला शांत कराया।
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सुबह-सुबह शुरू हुई इस हड़ताल से सबसे ज्यादा असुविधा मरीजों को हुई। ओपीडी में लंबी लाइन लगी रही। यहां सुनने वाला कोई नहीं था। इस पर मरीजों में रोष नजर आया।
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बिना इलाज लौटे मरीज

कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के चलते कई मरीज बिना इलाज लौट गए। विरामखंड निवासी सुबोध गौतम (38) ने बताया कि  उनको पेट में जलन की थी।  सुबह करीब सवा आठ बजे पहुंचे तो पहले हंगामा और फिर काम बंद हो गया।

कई डॉक्टर ओपीडी में सफाई न होने से कमरे में नहीं बैठे। करीब एक घंटे के इंतजार के बाद पर्चा बना लेकिन तब तक ओपीडी में भीड़ बढ़ गई थी। इस वजह से बिना इलाज लौट गए। इंदिरानगर की रमावती (42) को स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिलना था। पति सुमिरन यादव ने बताया कि हड़ताल से उनका एक घंटा बर्बाद हुआ। डॉक्टर से दिखाया तो खून की जांच लिखी लेकिन समय खत्म होने से जांच नहीं हो सकी।

लोहिया अस्पताल के चिकित्सा अ‌धीक्षक डॉ. ओंकार यादव ने बताया कि अस्पताल के संविदा कर्मचारियों ने नियमितिकरण के लिए करीब एक घंटे तक कामकाज बाधित किया था। हालांकि ओपीडी सेवा को शुरू कराया गया। कोई मरीज बिना इलाज नहीं लौटा है। कर्मचारियों की मांग शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया गया है।
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