यूपी में पुरानी पेंशन की बहाली का आंदोलन हर गांव, कस्बे और शहर तक पहुंचाया जाएगा। पुरानी पेंशन बहाली मंच ने यह फैसला किया है। इसके लिए अवर अभियंताओं, शिक्षकों व कर्मचारियों की टीमें बनाकर उन्हें इलाकेवार जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। 25 अक्तूबर से प्रस्तावित हड़ताल से पहले इस काम को अंजाम देने का निर्णय किया गया है।
सोमवार को राजधानी में पुरानी पेंशन बहाली मंच के आह्वान पर आयोजित महारैली को मिले समर्थन को देखते हुए मंच के नेता खासे उत्साहित हैं। उन्होंने तय किया है कि पुरानी पेंशन के फायदे उन युवाओं को समझाए जाएंगे, जो अभी पढ़ाई कर रहे हैं। या फिर, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।
इससे उनका समर्थन भी हासिल किया जा सकेगा। वर्ष 2005 से पहले नौकरी पाने वाले कर्मचारियों, अधिकारियों और शिक्षकों को भी समझाया जाएगा कि भावी पीढ़ी के लिए भी पुरानी पेंशन की बहाली जरूरी है। इसलिए उन्हें इस आंदोलन को तन-मन-धन से सहयोग देना चाहिए।
पुरानी पेंशन बहाली मंच के अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद शर्मा ने बताया कि प्रदेश के हर गांव, कस्बे और शहर में हमारे प्राथमिक शिक्षक हैं। उन्हें टीमें बनाकर पुरानी पेंशन बहाली को जन आंदोलन बनाने का दायित्व सौंपा जाएगा।
मंच के संयोजक हरिकिशोर तिवारी ने कहा, सोमवार की महारैली को मिले जनसमर्थन से सरकार को समझ लेना चाहिए कि पुरानी पेंशन हर व्यक्ति की मांग है। लोकतंत्र में सरकारें जनभावना का सम्मान करने के लिए ही चुनी जाती हैं, इसलिए वर्तमान केंद्र व प्रदेश सरकार को हमारी यह मांग तत्काल मान लेनी चाहिए।