मोहनलालगंज। एसके इंफ्रा विजन प्राइवेट कंपनी बनाकर लोगों से ठगी करने वाले आरोपियों की 5.78 की संपत्ति कुर्क की गई है। यह कार्रवाई बृहस्पतिवार को की गई, जिसमें मोहनलालगंज और नगराम पुलिस के साथ राजस्व विभाग की टीम भी शामिल रही। सभी आरोपी मूलरूप से बलिया के राजगांव खरौनी बांसडीह के रहने वाले हैं।
एसीपी मोहनलालगंज विकास कुमार पांडेय ने बताया कि बिजनौर के ओमेक्स सिटी निवासी प्रमोद कुमार उपाध्याय, उसका भाई विनोद कुमार उपाध्याय और पत्नी सीमा ने कंपनी बनाई थी। इसमें मदन राम और ओंकार नाथ पांडेय भी पदाधिकारी थे। ये आरोपी खासकर सेना व अर्धसैनिक बलों के कर्मचारियों को सस्ते प्लॉट का झांसा देते थे। वे जमीन के फर्जी कागजात दिखाकर लोगों से रुपये ऐंठते थे। रुपये मांगने पर पीड़ितों को धमकाते थे। वर्ष 2020 से अब तक आरोपियों खिलाफ मोहनलालगंज, पीजीआई, सरोजनीनगर, कैंट और आशियाना थानों में कुल 66 प्राथमिकी दर्ज हैं।
लोगों की ठगी की रकम से आरोपियों ने काफी संपत्ति अर्जित की थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की।
छह अप्रैल को जारी हुआ था कुर्की का आदेश
संयुक्त पुलिस आयुक्त कोर्ट ने छह अप्रैल को कुर्की का आदेश जारी किया था। इसी के तहत पुलिस ने बिजनौर औरंगाबाद स्थित 3.62 करोड़ रुपये का प्लॉट कुर्क किया। एक अर्धनिर्मित भवन भी जब्त किया गया, जिसकी कीमत 1.70 करोड़ रुपये है। इसके अतिरिक्त, 28 लाख रुपये की इनोवा, आठ लाख रुपये की स्विफ्ट और नौ लाख रुपये की बोलेरो गाड़ी भी कुर्क की गई।