विकलांग कल्याण विभाग का नाम अब विकलांग जनविकास विभाग होगा।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को विभाग का पुराना नाम बदलने का निर्णय किया है। उन्होंने कहा कि हमें निशक्तजनों के प्रति सोच और समझ में बदलाव लाना होगा।
उनमें भी हुनर और हौसला है। उन्हें अवसर उपलब्ध कराके आत्मनिर्भर बनाने की जिम्मेदारी समाज और सरकार दोनों की है।
मुख्यमंत्री शनिवार को अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। मुख्यमंत्री ने डॉ. शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय के निशक्तजन विद्यार्थियों को निशुल्क मेस की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
इस कार्यक्रम का आयोजन डॉ. शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय ने किया था। दरअसल, समाजवादी पेंशन योजना में 18 वर्ष तक के निशक्त बच्चों के अभिभावकों को भी शामिल करने पर निशक्तजन मुख्यमंत्री को बधाई देने आए थे।
मुख्यमंत्री ने कहा, राज्य सरकार निशक्तजनों की समस्याओं के समाधान के प्रति बेहद संवेदनशील है। विश्वविद्यालय द्वारा विकलांगजनों के लिए प्रस्तावित इंटरमीडिएट विद्यालय खोलने में प्रदेश सरकार भी अपना सहयोग देगी।
डॉ. शकुंतला मिश्रा विवि का नाम भी बदलेगा
डॉ. शकुंतला मिश्रा विकलांग उद्धार विश्वविद्यालय का नाम बदला जाएगा। अब इसका नाम पहले की तरह डॉ. शकुंतला मिश्रा पुनर्वास विश्वविद्यालय किया जाएगा।
कुलपति प्रो. निशीथ राय ने बताया कि पहले भी इसका नाम पुनर्वास विश्वविद्यालय था लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने नाम बदलकर विकलांग उद्धार विश्वविद्यालय कर दिया था। मुख्यमंत्री ने पुराने नाम पर ही अपनी सहमति दे दी है।