लखनऊ से आगरा सिक्स लेन एक्सप्रेस वे इस पूरे 300 किलोमीटर के रूट के लिए तरक्की की एक नई इबारत लिखेगा।
दिल्ली से लखनऊ तक पहुंचने का समय कम होगा, तो राष्ट्रीय राजधानी से प्रदेश की राजधानी को अब तक की सबसे अच्छी कनेक्टिविटी मिल जाएगी।
ढाई साल में ये सिक्स लेन हाईवे बन कर तैयार हो जाएगा। ये एक ऐसा हाई वे होगा जिस पर पर्यावरण का ख्याल रखा जाएगा।
किसानों से नहीं होगा टकराव
हमने पूरा इंतजाम कर लिया है। यमुना एक्सप्रेस वे में जिस तरह से किसानों के साथ टकराव हुआ था, वह इस बार बिल्कुल नहीं होगा।
अर्जन की पहली धारा-4 कर दी गई है। इस पूरे रास्ते में राजधानी के 13 गांवों सहित 300 किमी के रास्ते में 230 गांवों की भूमि आ रही है। इनमें से 120 गांवों के किसानों ने समझौते के आधार पर अपनी भूमि देना स्वीकार लिया है।
उनसे हम भूमि की रजिस्ट्री करेंगे। बचे हुए 110 गांवों के किसानों से भी बातचीत अंतिम दौर में है। किसानों को उनकी मुंहमांगी कीमत दी जा रही है।
ढाई साल में दौड़ेंगी गाड़ियां
आने वाले ढाई साल में इस हाईवे पर गाड़ियां सरपट दौड़ेंगी। छह घंटे में लोग दिल्ली पहुंच जाएंगे। ये सड़क लखनऊ के मोहान रोड, कन्नौज, मैनपुरी, इटावा, शिकोहाबाद, फिरोजाबाद होते हुए आगरा पहुंचेगी।
आगरा से इस सड़क की कनेक्टिविटी यमुना एक्सप्रेस वे से कर दी जाएगी। इस तरह से लखनऊ से नोएडा तक सीधा एक्सप्रेस हाईवे मिल जाएगा। इसका निर्माण तेजी से होगा।