मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सचिवालय प्रशासन विभाग की स्टेशनरी खरीद में घपले की शिकायतों पर उच्चस्तरीय जांच कराने का फैसला किया है।
मुख्य सचिव को किसी दूसरे विभाग के प्रमुख सचिव से शिकायतों की जांच कराने का निर्देश दिया गया है। जांच रिपोर्ट 30 सितंबर तक तलब की गई है।
सचिवालय संघ के सचिव ओंकार नाथ तिवारी ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सचिवालय प्रशासन विभाग के अधीन स्टेशनरी प्रभाग से जुड़ी कई गंभीर शिकायतें की थीं।
इसमें स्टेशनरी प्रभारी के पद पर नियम विरुद्ध सहायक समीक्षा अधिकारी की नियुक्ति के साथ ही स्टेशनरी अनुभाग में वित्तीय अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई थी।
संघ ने आरोपों को लेकर मुख्यमंत्री को कई अहम दस्तावेज भी उपलब्ध कराए थे। अब मुख्यमंत्री के सचिव आमोद कुमार ने सचिवालय संघ के पत्र पर मुख्य सचिव को पत्र लिखा है।
पत्र में मुख्यमंत्री के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा है कि प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच सचिवालय प्रशासन के अलावा किसी दूसरे विभाग के प्रमुख सचिव से कराई जाए।
मुख्यमंत्री के इस फैसले से संकेत मिल रहे हैं कि सरकार इस मामले में सचिव सचिवालय प्रशासन अरविंद नारायण मिश्र की भूमिका से भी पूरी तरह संतुष्ट नहीं है।
सचिव मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव से प्रकरण की जांच रिपोर्ट 30 सितंबर तक उपलब्ध कराने को कहा है।
सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री के विदेश से लौटते ही जांच अधिकारी नामित किए जाने की उम्मीद है।