नया बिजली कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं से पावर कॉर्पोरेशन मीटर की ज्यादा कीमत वसूल रहा है। इसका खुलासा कॉर्पोरेशन की ओर से राज्य विद्युत नियामक आयोग के समक्ष दाखिल जवाब से हुआ है।
सस्ता मीटर खरीदकर ज्यादा कीमत वसूलने को लेकर आपत्ति उठने के बाद कॉर्पोरेशन ने अब कॉस्ट डाटा बुक के लिए मीटर की पुनरीक्षित दरें प्रस्तावित की हैं।
सिंगल फेज मीटर की कीमत 1307 रुपये के स्थान पर 980 रुपये तथा थ्री फेज मीटर की कीमत 5737 रुपये के स्थान पर 2959 रुपये प्रस्तावित करते हुए आयोग के समक्ष प्रस्ताव दाखिल कर दिया गया है।
कॉस्ट डाटा बुक में मीटर दरें पुनरीक्षित करने के लिए कॉर्पोरेशन ने 1 अगस्त को आयोग के समक्ष प्रस्ताव दाखिल किया था। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने 5 अगस्त को आयोग के समक्ष आपत्ति दाखिल करके मीटर की प्रस्तावित दरों को चुनौती दी थी।
परिषद का कहना है कि सिंगल फेज का मीटर 909 रुपये तथा थ्री फेज का 2548 रुपये में खरीदा जा रहा है। ऐसे में सिंगल फेज मीटर का मूल्य 1307 रुपये व थ्री फेज का 5737 रुपये प्रस्तावित किया जाना पूरी तरह गलत है।
इस पर आयोग ने कॉर्पोरेशन को नोटिस जारी करके जवाब तलब किया था। नोटिस के जवाब में कॉर्पोरेशन ने मीटर की दरें दोबारा तय करते हुए आयोग को संशोधित प्रस्ताव सौंपा है।
अब सिंगल फेज मीटर का मूल्य 980 व थ्री फेज मीटर का मूल्य 2959 रुपये बताया गया है। दिलचस्प बात यह है कि वर्तमान में कॉस्ट डाटा बुक के अनुसार बिजली कनेक्शन के वक्त सिंगल फेज मीटर का मूल्य 1150 रुपये तथा थ्री फेज मीटर का मूल्य 5725 रुपये वसूला जा रहा है।
उपभोक्ता परिषद ने आयोग को साक्ष्य उपलब्ध कराते हुए कहा है कि 2010 के बाद से कभी थ्री फेज मीटर 3000 रुपये से अधिक तथा सिंगल फेज मीटर 950-1000 रुपये से ज्यादा कीमत पर नहीं खरीदा गया।
पूर्व में जब कॉस्ट डाटा बुक का निर्धारण हुआ तो कॉर्पोरेशन ने गलत तथ्यों के आधार पर अधिक दरें अनुमोदित करा ली जिससे उपभोक्ताओं से करोड़ों रुपये ज्यादा वसूल लिए गए हैं।