हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने प्रियंका गांधी वाड्रा के निजी सचिव संदीप सिंह पर लगे आरोप को मामूली मानते हुए उनकी अग्रिम जमानत मंजूर कर दी। प्रवासी मजदूरों को वापस लाने के लिए यूपी सरकार को पेश की गई बसों की सूची में फर्जी कागजात पेश करने के मामले में अदालत ने आरोपी को एक लाख रुपये का निजी मुचलका पेश किए जाने पर रिहा करने को कहा है।
उनको देश से बाहर न जाने की ताकीद की गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह ने दिए। कोर्ट ने कहा कि संदीप सिंह ने अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के कहने पर पत्र लिखा था और प्रियंका को प्राथमिकी में आरोपी नहीं बनाया गया है।
कोर्ट ने संदीप पर लगाई गई धाराओं को हल्की प्रकृति का बताया और एक लाख के निजी मुचलके व इतनी ही राशि की दो जमानतें दाखिल करने का आदेश दिया। संदीप की अग्रिम जमानत विवेचना समाप्त होने तक प्रभावी रहेगी। संदीप सिंह की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा एवं नदीम मुर्तजा ने तर्क दिया कि संदीप को केवल राजनीतिक वजहों से फंसाया जा रहा है।