कभी प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी अपने बड़े आकार और निष्क्रियता के लिए चर्चा में रहती थी, पर अब कार्यकारिणी में सदस्यों की संख्या 288 से घटाकर 61 तक सीमित कर दी गई है। बुजुर्गों के बजाय युवा अधिक हैं। इससे सदस्यों की औसत आयु 43 वर्ष हो गई है।
प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल प्रत्येक उपाध्यक्ष, महासचिव और सचिव को जिले आवंटित कर दिए हैं। महासचिव सप्ताह में पांच दिन अपने कार्यक्षेत्र वाले जिलों में रहकर बैठकें करेंगे। शनिवार व रविवार को अपने काम की रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय को भेजेंगे। उपाध्यक्ष सप्ताह में दो दिन अपने प्रभार वाले जिलों में रहेंगे। इसी तरह अन्य पदाधिकारियों के लिए भी जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं।
सक्रियता के पैमानों पर खरे न उतरने पर एक साल से भी कम समय में प्रदेश कार्यकारिणी में महासचिव, उपाध्यक्ष और सचिव की जिम्मेदारी संभालने वाले 10 पदाधिकारियों को हटा दिया गया है। कांग्रेस प्रवक्ता बृजेंद्र सिंह कहते हैं कि प्रियंका गांधी का फॉर्मूला स्पष्ट है-काम नहीं तो पद नहीं। पार्टी की ब्लॉक स्तर की बैठकों में 40 से कम और जिलास्तर की बैठकों में 500 से कम लोग होने पर पदाधिकारियों की सक्रियता का नए सिरे से आकलन कर अगला निर्णय लिया जाएगा।
यह कवायद इसलिए हो रही है ताकि 28 दिसंबर को पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर सभी स्तरों के 60 हजार पार्टी पदाधिकारियों की बैठक लखनऊ में हो सके। अभी तक की योजना के मुताबिक, इस बैठक में प्रियंका स्वयं मौजूद रहेंगी।
उससे पहले ग्राम व न्याय पंचायत, ब्लॉक स्तर और विधानसभा स्तर के 55 हजार से लेकर 1 लाख पदाधिकारियों को कांग्रेस का आई कार्ड जारी करने का इरादा है। ब्लॉक अध्यक्षों को नियुक्ति पत्र कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दस्तखत से जारी होंगे, क्योंकि वे भी राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में वोट देने का अधिकार रखते हैं।
कांग्रेस ने 1 अगस्त से 10 सितंबर तक ब्लॉक स्तर पर संगठन खड़ा करने के लिए संगठन सृजन अभियान चलाया। इसके तहत प्रत्येक ब्लॉक में अध्यक्ष पद के लिए तीन-तीन नामों का पैनल प्रदेश मुख्यालय आ चुका है। सप्ताह भर के भीतर सभी ब्लॉक अध्यक्ष घोषित कर दिए जाएंगे। उसके बाद प्रत्येक ग्राम पंचायत में अध्यक्ष समेत 11 सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाएगा।
प्रत्येक न्याय पंचायत में एक अध्यक्ष बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उनकी देखरेख में ही उस न्याय पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों में पार्टी कमेटियों का गठन होगा। ग्राम पंचायत, न्याय पंचायत और ब्लॉक स्तरीय कमेटियों के पदाधिकारियों की टेलीफोन डायरेक्टरी बनाई जा रही है। प्रियंका इन पदाधिकारियों से सीधे बात करने के लिए भी इस डायरेक्टरी का इस्तेमाल करेंगी ताकि निष्क्रिय सदस्यों को कमेटी में रखने की गुंजाइश ही न बचे।
कांग्रेस के यूपी में सोशल मीडिया प्रभारी मोहित पांडेय जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष रहे हैं। वह बताते हैं कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस ने अपनी बात पहुंचाने के लिए 30 लाख से ज्यादा मोबाइल नंबरों का डाटा बैंक तैयार किया गया है।
हर स्तर के सभी पदाधिकारियों को विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा रहा है, ताकि किसी भी मुद्दे पर पार्टी लाइन को उन तक लगातार पहुंचाया जा सके। बड़ी संख्या में छात्रों, युवाओं, प्रवासी मजदूरों, बेरोजगारों और नौकरीपेशा लोगों को भी सोशल मीडिया के माध्यम से पार्टी से जोड़ा गया है।
प्रदेश से लेकर जिला स्तर तक पार्टी की सोशल मीडिया टीम ने काम करना शुरू कर दिया है। पहली बार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के स्तर से सभी शहरों और जिलों में प्रवक्ता नियुक्त किए जा रहे हैं। इन्हें प्रशिक्षण देने के साथ ही व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़कर किसी भी मुद्दे पर पार्टी लाइन से रियल टाइम में अपडेट भी किया जाएगा। मुख्य पार्टी के समानांतर ही बूथ स्तर तक प्रकोष्ठों के संगठन खड़ा करने पर भी काम चल रहा है।