एनएचएआई के परियोजना निदेशक एनएन गिरि ने बताया कि एक्सप्रेस-वे का काम एक ही कंपनी को इसलिए दिया जा रहा है कि निवेश और रखरखाव दोनों आसान रहे। वहीं, टोल कलेक्शन एनएचएआई अपने पास ही रखेगा। इसकी आय से कंपनी के 60 प्रतिशत बकाया का भुगतान होगा।
नेशनल हाईवे का दर्जा देने की प्रक्रिया शुरू
31 मार्च से लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे का निर्माण प्रस्तावित है। ऐसे में इसे नेशनल हाईवे का दर्जा देने की प्रक्रिया भी एनएचएआई ने शुरू कर दी है। इसी महीने के अंत तक इसे यह दर्जा देकर शासनादेश जारी कर दिया जाएगा।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे के लिए टेंडर की प्रक्रिया मार्च तक पूरी कर 31 मार्च से सिविल वर्क किया जाएगा। इसके लिए एनएचएआई प्रक्रिया पूरी कर रहा है। जमीन अधिग्रहण का काम पूरा हो गया है। एक्सप्रेस-वे के बनने से कानपुर और लखनऊ के बीच आवागमन आसान होगा। -दिवाकर त्रिपाठी, सांसद प्रतिनिधि