अखिलेश सरकार ने दो साल पूरे कर लिए। पांच साल के सत्ता सफर में उनके दो साल के कामकाज का सबसे बड़ा इम्तिहान लोकसभा चुनाव होगा।
इस चुनाव में सरकार के कामकाज को जनता अपनी कसौटी पर कसेगी। सरकार यूं तो विकास के तमाम दावे करती है लेकिन वे धरातल पर कितने उतरे, इसकी असली परख चुनाव नतीजों से होगी।
सरकार बनने के बाद अखिलेश ने सबसे ज्यादा दिलचस्पी चुनाव घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा करने में दिखाई।
5 कालीदास मार्ग पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार ने प्रदेश में कई विकास की योजनाओं का शुभारंभ किया।
उन्होंने आगरा- लखनऊ एक्सप्रेस वे प्रोजेक्ट का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में में 30 देशों की कंपनियां आईं जो कि एक बड़ी उपलब्धि है।
इस दौरान अखिलेश ने कहा कि सपा सरकार देश की सबसे बड़ी सड़क बनाएगी। उन्होंने नौकरशाहों की तारीफ करते हुए कहा कि अधिकारियों ने उनके कार्यकाल में सराहनीय काम किया है।
उन्होंने मीडिया पर चुटकी लेते हुए कि जब अफसर गलत काम कर रहे थे, तो उन्होंने कार्रवाई की, तब मीडिया सरकार के पीछे पड़ गई। ऐसा लगा, जैसे सरकार ही गलत थी।
लेकिन जब सरकार ने उन्हें (अफसर) को अच्छी पोस्टिंग दी, तो किसी मीडियाकर्मी ने शुक्रिया नहीं दिया। उन्होंने आगामी लोकसभा चुनाव पर कहा कि सपा को सबसे ज्यादा सीटें मिलेंगी।