अंतिम चरण के मतदान में चुनाव आयोग ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। आयोग ने चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए सहायक ऑब्जर्वरों की लंबी-चौड़ी फौज तैनात कर दी है।
14 जिलों में कुल 88 सहायक ऑब्जर्वर तैनात किए गए हैं। इनमें से 40 सहायक ऑब्जर्वर वाराणसी व आजमगढ़ में तैनात किए गए हैं।
प्रदेश में पांच चरणों के चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो चुके हैं। अब 14 जिलों की 18 लोकसभा सीटों के लिए 12 मई को वोट डाले जाएंगे।
इनमें वाराणसी व आजमगढ़ दो ऐसी हाई प्रोफाइल सीटें हैं, जहां आयोग को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। वाराणसी में भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी व आप के अरविंद केजरीवाल चुनाव लड़ रहे हैं।
यहां से कांग्रेस के स्थानीय विधायक अजय राय भी चुनाव मैदान में हैं। वहीं आजमगढ़ से सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए आयोग ने भी यहां पर अपनी पूरी ताकत लगा दी है।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बलकार सिंह ने बताया कि वरिष्ठ पीसीएस अधिकारियों के साथ ही पुलिस के आला अधिकारियों को सहायक ऑब्जर्वर बनाकर इन क्षेत्रों में तैनात किया जा रहा है।
वाराणसी व आजमगढ़ में 20-20 सहायक ऑब्जर्वर भेजे जा रहे हैं। इनमें 10 पुलिस व 10 पीसीएस अधिकारी शामिल हैं।
इनके अलावा बचे हुए 12 जिलों बलिया, चंदौली, देवरिया, गाजीपुर, गोरखपुर, जौनपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, मऊ, मिर्जापुर, सिद्धार्थनगर व सोनभद्र में चार-चार सहायक ऑब्जर्वर लगाए गए हैं।
इनमें दो-दो पीसीएस अधिकारी व दो-दो पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।