कैंसर इंस्टीट्यूट में मरीज देखते डॉ वेद
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कैंसर इंस्टीट्यूट में बुधवार से ओपीडी शुरू हो गई। पहले दिन मुंह के कैंसर का एक मरीज इलाज के लिए पहुंचा, जिसे जांच के बाद केजीएमयू रेफर कर दिया गया। संस्थान प्रशासन ने इसे ड्राई रन का नाम दिया है, जो 31 दिसंबर 2016 तक चलेगा।
इस दौरान मरीज को न तो पंजीकरण शुल्क देना होगा और न ही इलाज के लिए उससे कोई अन्य शुल्क लिया जाएगा। पहले दिन इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रो. रविकांत सहित नौ चिकित्सक ओपीडी में बैठे।
सुलतानपुर रोड पर स्थित कैंसर इंस्टीट्यूट में बुधवार के हिसाब से स्त्री रोग विभाग की प्रो. उमा सिंह, थोरेसिक आंकोलॉजी के प्रो. शैलेन्द्र कुमार, आर्थोपैडिक सर्जरी विभाग के डॉ. दीपक कुमार, पैथोलॉजी के डॉ. अतिन सिंघल, पीड्रियाटिक्स आंकोलॉजी के डॉ. निशांत वर्मा, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी के हेड प्रो.एमएलबी भट्ट की प्रो. कीर्ति श्रीवास्तव, रेस्पिरेटरी मेडिसिन के डॉ. वेद प्रकाश व डॉ. अजय कुमार ओपीडी में बैठे। पहले दिन मरीज बृजराज किशोर वहां पहुंचे और अपना पंजीकरण कराकर विशेषज्ञों की सलाह ली।
सेवानिवृत्त शिक्षक बृजराज शिकोहाबाद के रहने वाले हैं और लखनऊ में अपने दामाद के पास आए थे। अखबार में कैंसर का नया अस्पताल खुलने की खबर पढ़कर वह ओपीडी पहुंचे थे।