राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगाने के साथ ही बिजली कंपनियों को उपभोक्ताओं की जमानत राशि के समायोजन की व्यवस्था करनी चाहिए। साथ ही जो बकायेदार एक साथ पूरा बकाया जमा करने में सक्षम नहीं हैं उनसे 10 किस्तों में वसूली की व्यवस्था बनाई जा सकती है।
वर्मा ने कहा कि कुछ अन्य राज्यों में यही प्रक्रिया प्रस्तावित है। वर्मा ने सरकार व पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन से मांग की है कि चाहे जिस कंपनी के प्री-पेड स्मार्ट प्रीपेड लगवाए जाएं, लेकिन वह ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (बीआईएस) प्रमाणपत्र का मानक पूरा करने वाला होना चाहिए।