फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सपा विधान परिषद सदस्य वीरेंद्र सिंह सहित कई नेता बने भाजपाई, प्रवीण निषाद ने अभी नहीं ली सदस्यता

Sat, 30 Mar 2019 10:36 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
भाजपा में शामिल हुए चौधरी वीरेंद्र सिंह। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

लखनऊ के भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में समाजवादी पार्टी के विधान परिषद सदस्य चौधरी वीरेंद्र सिंह सहित शामली के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनीष चौहान व कांधला ब्लॉक प्रमुख हरेंद्र चौहान ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। इन सभी को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्रनाथ पांडेय ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण करवाई। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।

विज्ञापन


वहीं, प्रवीण निषाद के भी भाजपा में शामिल होने की चर्चा थी लेकिन वह नहीं हुए। वहीं समाजवादी पार्टी ने गोरखपुर से अपने प्रत्याशी की घोषणा कर दी है। रामभुआल निषाद को सपा ने गोरखपुर से उम्मीदवार बनाया है।

प्रवीण निषाद गोरखपुर से भाजपा के उम्मीदवार हो सकते हैं। गौरतलब है कि अभी कुछ दिनों पहले ही निषाद पार्टी के अध्यक्ष ने सपा-बसपा गठबंधन में शामिल होने की घोषणा की थी। हालांकि, शुक्रवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह के साथ संजय निषाद ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलकर राजनीतिक हालात पर चर्चा की। सीएम योगी से वार्ता में निषाद पार्टी के एनडीए में शामिल होने पर सहमति बनी। इस दौरान गोरखपुर संसदीय सीट को लेकर भी चर्चा हुई।
विज्ञापन


संजय निषाद के बेटे प्रवीण निषाद गोरखपुर से सपा सांसद हैं। उन्हें भाजपा के सिम्बल पर गोरखपुर से चुनाव लड़ाया जा सकता है। हालांकि बातचीत में प्रवीण शामिल नहीं थे। इसके अलावा निषाद पार्टी को घोसी या जौनपुर में से कोई एक सीट दी जा सकती है। इन सीटों पर भाजपा ने अभी उम्मीदवार घोषित नहीं किए हैं।

विज्ञापन

अखिलेश यादव व मायावती पर लगाया उपेक्षा का आरोप

इससे पहले संजय निषाद ने अखिलेश यादव व मायावती पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए गठबंधन से अलग होने का एलान किया। उन्होंने कहा, जिस गठबंधन में मेरा नाम तक नहीं लिया जाता हो, उसमें रहने का कोई मतलब नहीं है।

गठबंधन में शामिल होने के बाद भी पोस्टर-बैनर व प्रचार सामग्री में निषाद पार्टी के नाम का जिक्र तक नहीं किया जा रहा। इससे कार्यकर्ताओं में असंतोष फैल रहा था। इसके मद्देनजर ही हमने गठबंधन से अलग होने का फैसला किया है। दूसरे विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। जल्द ही चुनाव लड़ने को लेकर निर्णय लेंगे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें