कांग्रेस ने विधानसभा उप चुनाव में टिकट देने में अपने कार्यकर्ताओं पर ही भरोसा जताया है। शुक्रवार को पांच अन्य सीटों पर भी उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। इनमें दो महिला उम्मीदवार डॉ. कमलेश सिंह और स्नेहलता हैं। इस तरह अब तक घोषित छह प्रत्याशियों में तीन महिलाएं हैं। जिन सीटों पर उप चुनाव हो रहे हैं, उनमें से मल्हनी छोड़कर पार्टी ने सभी सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं।
पार्टी ने नौगांवा सादात से डॉ. कमलेश सिंह को टिकट दिया है। बुलंदशहर से सुशील चौधरी को विधानसभा उप चुनाव लड़ाया जाएगा। घाटमपुर सुरक्षित सीट से कृपाशंकर और टूंडला सुरक्षित सीट से स्नेहलता को टिकट दिया है। स्नेहलता को पिछले साल भी कांग्रेस ने इस सीट से प्रत्याशी बनाया था, लेकिन चुनाव टलने से दोबारा फिर उन पर भरोसा जताया है। देवरिया से मुकुंद भास्कर मणि त्रिपाठी को टिकट दिया है। पार्टी ने बांगरमऊ से पहले ही आरती बाजपेई को प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। आरती बाजपेई कांग्रेस सरकार में गृह मंत्री रहे गोपीनाथ दीक्षित की पुत्री हैं। विश्लेषकों का कहना है कि जिन 5 सीटों पर शुक्रवार को प्रत्याशी घोषित किए गए हैं, वे सभी प्रत्याशी कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं और पहली बार ही पार्टी के टिकट पर चुनाव मैदान में होंगे।
राष्ट्रीय लोकदल ने बुलंदशहर विधानसभा सीट पर प्रवीण कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया है। बुलंदशहर सीट पर भाजपा विधायक व पूर्व मंत्री वीरेन्द्र सिंह सिरोही का निधन हो जाने के कारण उपचुनाव हो रहा है। समाजवादी पार्टी ने गठबंधन में यह सीट राष्ट्रीय लोकदल के लिए छोड़ी है। रालोद प्रत्याशी बुलंदशहर के भटौना गांव के निवासी हैं। उनके पिता चौधरी जगवीर सिंह केंद्र सरकार में सूचना एवं प्रसारण और रक्षा राज्यमंत्री रह चुके हैं। उन्हें चौधरी चरण सिंह का काफी नजदीकी माना जाता था। रालोद के राष्ट्रीय सचिव गिरीश कुमार चौधरी ने बताया कि उपचुनाव वाली अन्य सीटों पर उनकी पार्टी सपा उम्मीदवार का समर्थन करेगी।