नगराम। भीषण गर्मी के बीच इलाके के करीब 200 गांव बिजली संकट का सामना कर रहे हैं। लगातार अघोषित कटौती के कारण लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है।
लेसा के सेस खंड तृतीय मोहनलालगंज के अंतर्गत समेसी उपकेंद्र से समेसी, नगराम, बहरौली, मीरखनगर एवं ट्यूबवेल फीडरों से इलाके के हरदोईया समेसी पतौना, छतौनी, कुबहरा, भोरा कला, मितौली, बहरौली, नबीनगर, असलम नगर, भोला पुरवा, भवानीखेड़ा, नगर पंचायत नगराम, अनैया, खरगापुर, दोरिया सहित करीब 200 गांवों में बिजली आपूर्ति होती है। बचनखेड़ा निवासी रमेश वर्मा, बहरौली के इदरीश, मिहीलाल खेड़ा के अमित, भवानीखेड़ा के रामसिंह बरजोर यादव के अनुसार इस सप्ताह प्रतिदिन सुबह लगभग साढ़े 11 बजे से बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है जो शाम करीब 3-4 बजे बहाल होती है। बिजली रहने के दौरान हर दस मिनट में ट्रिपिंग भी हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली न रहने से घरों में पेयजल व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कृषि कार्य जैसे थ्रेसिंग और फसल की सिंचाई पर भी असर पड़ रहा है।
समेसी के अवर अभियंता आशीष कुमार ने बताया कि तेज हवाएं चलने पर खेतों के बीच से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से चिंगारी गिरने की आशंका रहती है। इससे गेहूं की फसल में आग लगने का खतरा बना रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए एहतियातन सुबह 11 से शाम 3 या 4 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रखी जाती है जिससे किसानों की फसल सुरक्षित रह सके।