मुठभेड़ में मारा गया विनोद उपाध्याय।
- फोटो : Social media
सुल्तानपुर कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के हनुमानगंज बाईपास के निकट शुक्रवार भोर एसटीएफ मुठभेड़ में मारे गए एक लाख के इनामिया बदमाश विनोद उपाध्याय का करीब 12 घंटे बाद पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम हाउस पर कड़ी सुरक्षा की गई थी। शव को मृतक के परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है।
बताया जा रहा है कि रात में ही परिजन मृतक का शव लेकर चले गए। गोरखपुर के इनामिया बदमाश विनोद को लखनऊ एसटीएफ ने शुक्रवार सुबह कोतवाली देहात थाने के हनुमानगंज बाईपास के निकट मुठभेड़ ढेर कर दिया था। उसका शव मेडिकल कॉलेज के शव गृह में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया था। देर शाम जब मृतक के परिजन गोरखपुर से पहुंचे तो शव को एंबुलेंस से पोस्टमार्टम हाउस ले जाया गया। करीब 12 घंटे बाद शव का पीएम शुरू करवाया गया।
ये भी पढ़ें - वाराणसी की गंगा आरती की तरह भव्य होगी अयोध्या की सरयू आरती, आठ जनवरी से शुरू होगी रामकथा
ये भी पढ़ें - Video: रामलला को भेंट करने के लिए सीताजी के मायके से आई सामग्री, जानें- क्या दी गई भेंट
पोस्टमार्टम हाउस भी पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया गया था। एसटीएफ के जवान स्वयं पूरे मामले को हैंडल कर रहे थे। किसी भी व्यक्ति को वहां फटकने नहीं दिया गया। रात्रि करीब 10 बजे के बाद पोस्टमार्टम समाप्त हुआ। उसके बाद मृतक का भाई शव लेकर गंतव्य की ओर रवाना हुआ।
सीएमएस डॉ एसके गोयल ने बताया कि दो डॉक्टरों के पैनल ने पीएम की कार्रवाई की है। पीएम की वीडियोग्राफी भी कराई गई है। पोस्टमार्टम स्थल पर लगभग आधा दर्जन चार पहिया वाहन मौजूद थे। इसमें सिविल पुलिस की एक गाड़ी, एक एंबुलेंस के अलावा एसटीएफ की चार गाड़ियां मौजूद थीं। कोतवाली देहात के प्रभारी निरीक्षक श्याम सुंदर ने बताया कि पीएम के बाद शव को परिजनों की सुपुदर्गी में दिया गया है।
संतकबीरनगर में मिली थी लोकेशन
इनामिया बदमाश विनोद उपाध्याय की तलाश में बुधवार से ही एसटीएफ बस्ती, संतकबीरनगर क्षेत्र में सक्रिय थी। वहां से मुखबिर की मदद से विनोद की लोकेशन का पता चला था। बृहस्पतिवार को आरोपी के आने की पुष्टि होने पर तत्काल एसटीएफ सुल्तानपुर के लिए रवाना हो गई। कोतवाली देहात थाने के हनुमानगंज बाईपास पर एसटीएफ को तीन टीमों में बांटा गया। बताया जा रहा है तीनों टीमों में 16 पुलिसकर्मी शामिल थे।