केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में आने वाले गरीब-बेसहारा (विपन्न श्रेणी) मरीजों का इलाज शुरू करने में अब पैसे की कमी बाधा नहीं बनेगी। उन्हें 500 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक दवाएं-जांच की सुविधा मुफ्त मिलेंगी। खास बात है कि जूनियर डॉक्टर से लेकर विभागाध्यक्ष तक की मुहर पर यह लाभ मरीजों को मिल सकेगा।
केजीएमयू अधिकारियों की मानें तो ट्रॉमा सेंटर में रोजाना में 15 से 20 मरीज ऐसे आते हैं, जिनके पास न तो बीपीएल कार्ड होता है और न ही इलाज के लिए पैसे। ऐसे किसी भी मरीज का इलाज पैसे की कमी से न रुके, इसके लिए मुफ्त दवा की यह व्यवस्था की जा रही है।