मलिहाबाद नगर पंचायत में क्षेत्र का इकलौता बालिका विद्यालय। 78 साल पुराना और बेहद जर्जर। बावजूद इसके यहां कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। यहां पढ़ना मतलब जान जोखिम में डालना है। यह तब है जबकि सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को लेकर बेहद गंभीर है।
लेकिन यूपी की राजधानी में ही जिम्मेदार सरकार के अभियान को ठेंगा दिखा रहे हैं। आखिरकार यहां पढ़ रही छात्राओं ने खुद बीड़ा उठाया और उपजिलाधिकारी को मांगपत्र सौंपकर भवन बनवाने की अपील की। यही नहीं, छात्राओं ने मरम्मत न होने पर यहां पढ़ने से भी इन्कार कर दिया है।
मंगलवार को छात्राएं सांकेतिक रूप से यहां कक्षाओं का बहिष्कार करेंगी। मलिहाबाद नगर पंचायत के मोहल्ला झंडावाला में राजकीय इंटर कॉलेज के भवन का निर्माण वर्ष 1940 में हुआ था। 78 वर्ष गुजर जाने के बाद भी इस जर्जर भवन में कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है।
यहां की तकरीबन 50 छात्राओं ने उपजिलाधिकारी को जो पत्र भेजा है, उसमें कहा गया है कि भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। ऐसे भवन में बैठने पर हर समय डर बना रहता है जिससे पढ़ाई सुचारू रूप से नहीं हो पा रही है। बारिश के मौसम में तो परेशानी और भी बढ़ जाती है।