प्रशासनिक अधिकारियों की संवेदनहीनता और समाजवादी एंबुलेंस की बदहाल व्यवस्था का कड़वा सच सोमवार को उस समय सामने आ गया, जब इलाज के अभाव में एक वृद्धा ने डीएम कार्यालय की चौखट पर दम तोड़ दिया।
वृद्धा चारबाग इलाके में लोको वर्कशाप के समीप सड़क के किनारे तड़प रही थी। पूर्वाह्न करीब 11 बजे वहां से गुजर रही एलडीए कॉलोनी कानपुर रोड निवासी नीलम पांडेय ने वृद्धा को देखकर 108 समाजवादी एंबुलेंस सेवा को बुलाने के लिए फोन लगाया, लेकिन 15 मिनट में करीब दस बार घंटी जाने के बाद भी एंबुलेंस सेवा के कंट्रोल रूम का फोन नहीं उठा।
किसी अफसर ने नहीं की मदद
इसके बाद राहगीरों की मदद से नीलम ने बेसुध पड़ी वृद्धा को रिक्शे से इस उम्मीद के साथ डीएम कार्यालय पहुंचा दिया कि प्रशासन की मदद से उसे आसानी से अस्पताल में भर्ती कराया जा सकेगा।
लेकिन वहां इलाज का इंतजाम तो दूर अफसरों की संवेदना भी वृद्धा को नसीब न हुई। करीब पौन घंटा तक कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद अधिकारी और अन्य लोग एक दूसरे को मशवरा दे 108 एंबुलेंस सेवा से एम्बुलेंस बुला वृद्धा को अस्पताल पहुंचाने की जुबानी कवायद भर करते रहे, लेकिन किसी में भी इतनी संवेदना नहीं जागी कि किसी दूसरे वाहन से वृद्धा को अस्पताल पहुंचा देते।
चौकी इंचार्ज की सुनवाई नहीं
जबकि इससे पहले नीलम ने कलेक्ट्रेट में मौके पर मिले एडीएम पश्चिमी को वृद्धा की हालत के बारे में जानकारी देते हुए उसे तत्काल अस्पताल पहुंचवाने का अनुरोध किया।
एडीएम पश्चिमी ने चौकी इंचार्ज को बुलाकर निर्देश भी दे दिया, लेकिन अमल नहीं हुआ।
डीएम की चौखट पर बीमारी व भूख-प्यास से तड़पती वृद्धा को करीब आधे घंटे तक पड़ा देख संजीदा हुए वकीलों और अन्य लोगों के हो-हल्ला मचाने के बाद इंस्पेक्टर कैसरबाग आरबी साहू वृद्धा को जीप से लेकर बलरामपुर अस्पताल पहुंचे।
जहां डाक्टरों ने वृद्धा को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि वृद्धा की पहचान नहीं हो सकी है।
डीएम कार्यालय का पता तो बताएं
करीब बीस मिनट तक लगातार फोन मिलाने के बाद जब 108 एम्बुलेंस सेवा के दौरान कंट्रोल रूम में फोन उठा तो वहां बैठा ऑपरेटर यह तक नहीं समझ पाए कि शहर में कलेक्ट्रेट कार्यालय और कैसरबाग कहां है। आपरेटर फोन पर बार बार पता समझाने की बात पूछता रहा।
सीधे अस्पताल ले जाते तो न होती भर्ती
वृद्धा को कलेक्ट्रेट पहुंचाने वाली महिला नीलम का कहना था कि सीधे अस्पताल पहुंचाने पर लावारिस को भर्ती कराने में तमाम तरह की परेशानियां आतीं।
वृद्धा को इस परेशानी से बचाने और प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से भर्ती करा बेहतर इलाज दिलाने के मकसद से ही कलेक्ट्रेट पहुंचाया था।
तीन कर्मी निलंबित
एक घंटे तक फोन करने के बावजूद 108 एंबुलेंस सेवा मुहैया न कराने को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। एडीएम प्रशासन राजेश पांडेय ने सीएमओ से कंट्रोल रूम के लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई का निर्देश देते हुए एंबुलेंस सेवा बेहतर बनाने के लिए कंट्रोल रूम में प्रशिक्षित स्टाफ तैनात करवाने को कहा है।
इस मामले पर जीवीके ईएमआरआई के कम्यूनिकेशन हेड अजय यादव का कहना है कि कलेक्ट्रेट में बुजुर्ग महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए पुलिसकर्मी का फोन आया था।
नजदीकी एंबुलेंस के व्यस्त होने के कारण दस मिनट के भीतर अलीगंज अस्पताल की एंबुलेंस को मौके पर भेजा गया था। एंबुलेंस के पहुंचने पर पता चला कि महिला को बलरामपुर अस्पताल पहुंचा दिया गया है।
मामले में लापरवाही बरतने वाले कॉल सेंटर के कर्मचारी और फील्ड के दो स्टाफ को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।