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‘बुद्धं शरणं’ नहीं लिख पाए पॉलीटेक्निक प्रवेश परीक्षा के टॉपर

Mon, 27 Jun 2016 10:27 AM IST
सचिन त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : demo pic
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बिहार बोर्ड की परीक्षा में टॉप करने वाले परीक्षार्थियों की झलक यूपी में पॉलीटेक्निक प्रवेश परीक्षा में भी दिख रही है। पॉलीटेक्निक की प्रवेश परीक्षा में टॉप करने वाले परीक्षार्थी हिंदी में ‘बुद्धं शरणं’ नहीं लिख पाए।
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वहीं, अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करने का दावा करने वाला एक अन्य टॉपर अपने रोल नंबर की स्पेलिंग तक नहीं लिख सका। टॉपर ने रोल नंबर ‘8’ की स्पेलिंग ए टी ई लिखी। अंग्रेजी में ‘70’ की स्पेलिंग भी वह सही नहीं लिख पाया।

सामूहिक नकल की आशंका के बाद संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद में बयान के लिए बुलाए गए टॉपर्स की पोल सामान्य टेस्ट में ही खुल गई। अब इन सभी टॉपर्स का रिजल्ट रद्द करने के साथ ही परीक्षा केंद्र प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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28 में से केवल सात परीक्षार्थी ही पहूंचे 'टेस्ट' देने

सूबे में पॉलीटेक्निक की प्रवेश परीक्षा एक मई को हुई थी। इसका रिजल्ट 10 जून को घोषित किया गया था। परीक्षा में गाजीपुर जिले के एक इंटर कॉलेज में बने परीक्षा केंद्र में सामूहिक नकल की आशंका जताई गई थी।

उस केंद्र पर परीक्षा देने वाले 12 परीक्षार्थियों ने टॉपर्स की लिस्ट में स्थान बनाया, जबकि 16 अन्य परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं लगभग एक जैसी थीं। ये सभी परीक्षार्थी एक ही कमरे में परीक्षा दे रहे थे।

इन सभी परीक्षार्थियों और केंद्र अध्यक्ष को बयान के लिए 23 जून को बुलाया गया था। 28 में से केवल सात परीक्षार्थी ही पहुंचे। परिषद के अधिकारियों ने सामान्य सा टेस्ट लिया तो टॉपर्स अपने परीक्षा केंद्र का नाम तक सही नहीं लिख सके।
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परीक्षा केंद्र व परीक्षार्थियों के नाम आज होंगे सार्वजनिक

संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद पॉलीटेक्निक प्रवेश परीक्षा में सामूहिक नकल कराने वाले गाजीपुर जिले के परीक्षा केंद्र और वहां परीक्षा देने वाले 12 टॉपर्स समेत 28 छात्रों के नाम सोमवार को सार्वजनिक कर देगी।

परिषद के सूत्रों ने बताया कि  बयान के दौरान किसी भी परीक्षार्थी ने सामूहिक नकल की बात नहीं स्वीकारी लेकिन उनका स्तर कक्षा एक के बच्चे से ज्यादा का नहीं था। बाकी सुबूत भी परीक्षा केंद्र पर सामूहिक नकल की पुष्टि करते हैं। इसलिए इन परीक्षार्थियों का रिजल्ट रद्द करके परीक्षा केंद्र बने कॉलेज के प्रभारी पर एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।

28 उत्तर पुस्तिकाओं पर सिर्फ छह की हैंडराइटिंग
प्रवेश परीक्षा वैसे तो बहुविकल्पीय प्रश्नों के आधार पर होती है। सवालों का जवाब परीक्षार्थियों को पेंसिल से गोले को रंगकर देना होता है। रोल नंबर और सामान्य जानकारी ओएमआर शीट पर जरूर लिखनी होती है।

सूत्रों के अनुसार, सामूहिक नकल के आरोपी सभी 28 परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं पर मुश्किल से पांच या छह लोगों की हैंडराइटिंग लग रही थी। पेंसिल से जो गोले भी बनाए गए थे, वे भी लगभग एक तरह के ही थे। ऐसा नहीं लग रहा था कि इंटरमीडिएट स्तर के स्टूडेंट्स ने पहली बार ये गोले बनाए हैं। ऐसे में अनुमान है कि शायद किसी एक्सपर्ट ने ही गोले भरे हैं।
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