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जिन्ना पर गरमाई सियासत : अखिलेश के बयान पर बवाल, योगी बोले- पटेल की तुलना जिन्ना से करना तालिबानी मानसिकता

Tue, 02 Nov 2021 10:39 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

- अखिलेश के  बयान को भाजपा को शर्मनाक बताया, कहा- माफी मांगे
- योगी ने कहा-पटेल की तुलना जिन्ना से करना तालिबानी मानसिकता
- बसपा ने भाजपा-सपा की मिलीभगत कहा, कांग्रेस बोली-असल मुद्दों से ध्यान बंटाने की कोशिश
 
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मुहम्मद अली जिन्ना
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विस्तार
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प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर जिन्ना का जिन्न निकल आया है। जिन्ना को लेकर सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बयान पर सियासी घमासान छिड़ गया है। भाजपा ने सपा व अखिलेश यादव पर तगड़ा हमला बोला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरदार पटेल से जिन्ना की तुलना शर्मनाक है। अखिलेश यादव को अपने इस बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए। भाजपा के अन्य नेताओं ने भी अखिलेश पर निशाना साधा। उधर, बसपा प्रमुख मायावती ने जिन्ना विवाद को सपा-भाजपा की मिलीभगत करार दिया। कांग्रेस का कहना है कि महंगाई, गरीबी, किसानों के दुख-दर्द और पेट्रोल-डीजल के आसमान छूते दामों की तरफ से जनता का ध्यान हटाने के लिए इस तरह का विवाद खड़ा किया जा रहा है।

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अखिलेश यादव ने रविवार को हरदोई में महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू व सरदार वल्लभ  भाई पटेल के साथ मोहम्मद अली जिन्ना को भी आजादी का नायक बताया था। इसके बाद से भाजपा ने अखिलेश की घेराबंदी शुरू कर दी है। सीएम योगी ने सोमवार को मुरादाबाद में जिन्ना मामले को लेकर अखिलेश पर तगड़ा हमला बोला।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा मुखिया अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा सरदार वल्लभ भाई पटेल से जिन्ना की तुलना करना तालिबानी मानसिकता है। सपा की विभाजनकारी मानसिकता को जनता स्वीकार नहीं करेगी। अखिलेश यादव को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अखिलेश यादव को अगर अखिलेश अली जिन्ना कहा जाए तो कुछ अंतर नहीं होगा। उनकी पार्टी समाजवादी पार्टी नहीं बल्कि नमाजवादी पार्टी है। अखिलेश यादव ने जिन्ना का नाम लेकर देश के विभाजन के समय बलिदान देेने वाले करोड़ों लोगों का अपमान किया है। तुष्टिकरण की घटिया राजनीति से सरदार पटेल का भी अपमान किया है। सरदार पटेल और जिन्ना एक ही विद्यालय में पढ़े। लेकिन जिन्ना ने देश का विभाजन कराया जबकि सरदार पटेल ने देश को एक सूत्र में पिरोने का काम किया। 2022 के चुनाव में सपा की हालत 2017 से भी बुरी होगी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि सपा आतंकियों और देशद्रोहियों की सरपरस्त है। अखिलेश यादव नेसरदार पटेल की तुलना जिन्ना से कर देश और राष्ट्रीयता का अपमान किया है। अखिलेश के बयान से साफ जाहिर है कि वह देशद्रोहियों और देश तोड़ने वालों के साथ खड़े हैं।

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सपा-भाजपा ने मिली भगत से उछाला जिन्ना विवाद : मायावती

बसपा सुप्रीमो मायावती ने जिन्ना विवाद के पीछे सपा-भाजपा की मिलीभगत बताया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि सपा मुखिया द्वारा हरदोई में जिन्ना को लेकर दिया गया बयान और उसे लपककर भाजपा की प्रतिक्रिया इनकी अंदरूनी मिलीभगत व इनकी सोची समझी रणनीति का हिस्सा है। ताकि विधानसभा चुनाव में माहौल को हिंदू-मुस्लिम करके खराब किया जाए। सपा व भाजपा की राजनीति एक दूसरी की पूरक एवं पोषक रही है। दोनों की सोच जातिवादी तथा सांप्रदायिक होने के कारण इनका अस्तित्व एक दूसरे पर आश्रित रहा है। इसी कारण सपा जब सत्ता में होती है तो भाजपा मजबूत होती है, जबकि बीएसपी जब सत्ता में रहती है तो भाजपा कमजोर होती है।

असल मुद्दों से ध्यान बंटाने को खड़ा किया विवाद : कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अशोक सिंह का कहना है कि सपा और बसपा, भाजपा की बी टीम हैं। इसलिए महंगाई, गरीबी, किसानों के दुख-दर्द और पेट्रोल-डीजल के आसमान छूते रेट पर चर्चा के बजाय जिन्ना जैसे मुद्दों को हवा दे रहे हैं। ये सभी पार्टियां कांग्रेस को मिल रहे जनसमर्थन से घबराई हुई हैं, इसलिए जनता का ध्यान इस तरह के मुद्दों पर केंद्रित करने का षड्यंत्र कर रहे हैं। अब जनता इनके बहकावे में आने वाली नहीं है।

अनर्गल बात करती है भाजपा : सपा
सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डा. आशुतोष वर्मा ने कहा कि भाजपा हमेशा अनर्गल बात करती है। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और पार्टी से जुड़ा हर व्यक्ति देश की आजादी में योगदान देने वाले हर महापुरुष का सम्मान करते हैं। भाजपा को आत्मवलोकन करना चाहिए। भाजपा पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों की हमेशा से विरोधी रही है। पिछड़ा होने की वजह से उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद की कुर्सी पहले ही खींची जा चुकी है। चुनाव में स्टूल भी चला जाएगा। ऐसे में उन्हें अनर्गल बात करने के बजाय सर्वसमाज की बात करने वाली समाजवादी पार्टी का समर्थन करना चाहिए। सपा उन्हें पूरा सम्मान देगी।

अखिलेश ने दिया था यह बयान
अखिलेश यादव ने रविवार को हरदोई में सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा का अनावरण करते हुए कहा था कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, सरदार पटेल, जवाहरलाल नेहरू और जिन्ना एक ही संस्था से पढ़कर निकले। बैरिस्टर बने और उन्होंने आजादी दिलाई। आजादी के लिए हर तरह का संघर्ष किया। भाजपा के लोग वाकई पटेल जी को मानते हैं तो तीनों कृषि कानून रद करें।

जिन्ना ने कहा था- एक दूसरे से अलग हैं हिंदू-मुसलमान
‘हिंदुओं और मुसलमानों की परंपराएं, रीति-रिवाज और विचारधारा जुदा हैं। न वे एक साथ खाते हैं न एक-दूसरे के यहां शादी करते हैं। वास्तव में दोनों एक दूसरे की विपरीत विचारधारा और मान्यता वाली सभ्यताओं से ताल्लुक रखते हैं। दोनों के लिए अलग देश होना चाहिए।’
- मोहम्मद अली जिन्ना, 23 मार्च 1940 को (इसी अधिवेशन में पाकिस्तान की स्थापना का प्रस्ताव पारित हुआ था। इसे जिन्ना का द्विराष्ट्र सिद्धांत कहा गया।)
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