पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से एक महान जीवन का अंत हो गया लेकिन उनकी प्रेरणा सदैव जीवित रहेगी। वे ओजस्वी वक्ता और लोकप्रिय कवि थे। लखनऊ उनकी कर्मभूमि रहा। लखनऊ से सांसद निर्वाचित होकर ही वे प्रधानमंत्री बने थे। लोकसभा में उनके भाषणों को बड़े ध्यान से सुना जाता था। विदेश मंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने उल्लेखनीय भूमिका निभाई। विचारधारा से असहमति के बावजूद वे विरोधी नेताओं के प्रति सम्मान भाव रखते थे।
देश ने सर्वप्रिय राजनेता व विराट व्यक्तित्व खोया
विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि अटलजी का पूरा जीवन राष्ट्र व समाजसेवा के लिए समर्पित रहा। उनकी वाक्पटुता व राजनीतिक शैली की सभी राजनीतिक दल प्रशंसा करते रहे। उनका व्यक्तित्व, कृतित्व और मार्गदर्शन सदा देश के साथ रहेगा। उनके निधन से भारत ने एक ऐसे सर्वप्रिय राजनेता व विराट व्यक्तित्व को खो दिया है जिसकी भरपाई संभव नहीं है।
बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि सांसद, केंद्रीय मंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में अटल बिहारी वाजपेयी के अमूल्य योगदान को लोग लगातार याद करते रहे हैं और आगे भी याद करते रहेंगे। कवि मन वाले वाजपेयी ऐसे नेता थे जो भारतीय जनसंघ व बाद में इसके नए अवतार बीजेपी में रहने के बावजूद व्यापक स्तर पर सम्मान की दृष्टि से देखे जाते थे। उन्होंने पार्टी व सरकार में रहते हुए अनेक मौकों पर पार्टी हित से ऊपर उठकर समाज व देश की भलाई के लिए काम किया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर
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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के अप्रतिम सेनानी थे। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के दौर को देखा। नेहरूजी और इंदिराजी के दौर में भारत के निर्माण को भी देखा। विदेश मंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने अपनी अनुकरणीय सेवा देश को दी। उनका निधन भारतीय राजनीति और समाज की अपूरणीय क्षति है।