नौकरशाही में पंचम तल का अपना क्रेज होता है। इधर यहां तैनात एक प्रमुख सचिव दिल्ली क्या कूच किए बहुत को संभावना नजर आने लगी। पर बाजी किसी और के ही हाथ लग गई।
पंचम तल पर बड़े फेरबदल के चंद दिन पहले एक स्पेशल सेक्रेटरी के दरबार का नजारा खासा दिलचस्प रहा। वह कुछ दिन पहले ही एक जिले से कलेक्टरी करके लौटे थे।
जिस विभाग में वह भेजे गए वहां उन्हें खास संभावना नजर नहीं आती। उन्होंने आलाकमान के करीबी पश्चिम यूपी से ताल्लुक रखने वाले एक दर्जाधारी मंत्री के सामने अपनी हसरतें जाहिर कीं।
किसी बाबा या ज्योतिषी की तरह दर्जाधारी ने आश्वस्त किया कि कोई दिक्कत नहीं होगी। जल्दी ही ऊपर बात करवा देंगे। आपकी पंचम तल वाली हसरत भी पूरी होगी।
पर, जब पंचम तल वालों का पत्ता खुला तो इन साहब का नाम नदारद था। दूसरे दिन से ही वे दर्जाधारी की कलई खोलने में जुट गए। अब उन्हें उनमें कोई संभावना नजर नहीं आती।