हाल ही कई कद्दावर मंत्रियों के पर कतर दिए गए। चुनाव नतीजों से नाराज सपा नेतृत्व ने जहां कई मंत्रियों के महकमे बदलकर कद छोटे कर दिए, वहीं बड़बोले युवा मंत्री को मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता ही दिखा दिया।
युवा मंत्री कुछ ज्यादा ही तेजी में थे। गलतफहमी पाले थे कि कुछ भी कहें या करें, कोई कुछ नहीं करेगा। एक ही झटके में अर्श से फर्श पर पहुंच गए। सारी गलतफहमी दूर हो गई।
अपने समर्थकों के बीच किस्म-किस्म की सफाई दे रहे हैं। कहीं कहते हैं कि ‘ऊपर’ गलत सूचना पहुंचाई गई तो कहीं सफाई दे रहे हैं कि लगता है किसी ने साजिश की है।
दर्द कुछ इस कदर बढ़ गया है कि अब सोशल मीडिया पर शेर के जरिये अपने जज्बात बयां कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनके एक शेर पर खूब चटखारे लिए जा रहे हैं।
शेर कुछ यूं है ‘मेरे टूटने की वजह मेरे जौहरी से पूछो, उसकी ये ख्वाहिश थी, मुझे थोड़ा और तराशा जाए।
पार्टी के लोगों का कहना है कि जौहरी को उनकी कीमत पता चल गई, इसलिए फेंक दिया। तराशने का वक्त किसके पास है? अब तो गलतफहमी दूर हो ही जानी चाहिए।