‘सरकार’ का रंग-ढंग आजकल बदला-बदला सा है। एकाएक यह बदलाव लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद आया है।
पहले ‘सरकार’ मीडिया से खुलकर रू-ब-रू होते थे लेकिन अब कन्नी काटते हैं। उनके इस बदले रुख को लेकर सत्ता के गलियारे में भी चर्चाएं हो रही हैं।
दरअसल, ‘सरकार’ के सलाहकारों ने ही उन्हें टिप्स दिए हैं कि हर मुद्दे पर खुद मीडिया के सामने आकर बोलना ठीक नहीं है। ‘सरकार’ को थोड़ा ‘रिजर्व’ रहना चाहिए।
‘सरकार’ को भी यह बात समझ में आ गई क्योंकि मीडिया से बहुत ज्यादा घुलने-मिलने की पॉलिसी का लोकसभा चुनाव में कोई फायदा नहीं मिला।
लिहाजा ‘सरकार’ ने सलाहकारों की राय मानते हुए खुद को बदल लिया है। पहले जहां हर सवाल पर खुलकर बोलते थे, वहीं अब चाहे जितने सवाल दागे जाएं, चुपचाप मुस्कुराते हुए निकल लेते हैं। इसे कहते हैं वक्त के साथ बदलना।