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मूर्ति हटाने गए अफसरों पर ग्रामीणों ने किया हमला!

Sun, 05 Apr 2015 10:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मिल्कीपुर (फैजाबाद)
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लबे रोड खेत में स्थापित की गई मां दुर्गा की प्रतिमा हटाने गए तहसील अफसरों व पुलिस बल पर सैकड़ों ग्रामीणों ने रविवार दोपहर हमला बोल दिया। पथराव से एक दरोगा की नाक की हड्डी टूट गई है। एक होमगार्ड का भी सिर फट गया है। तहसीलदार समेत कई लोगों को चोटें आई हैं।
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जबकि एसडीएम व एसओ की जीप क्षतिग्रस्त हो गई। ग्रामीणों ने सत्ता के दबाव में प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध करने की बात कही है। एसडीएम मूर्ति रखने की चाल बता कार्रवाई को सही ठहरा रहे हैं।

हालांकि मामले के पीछे एक दलित की जमीन कब्जाने वाले दंबग के पक्ष में पिछले तीन दिनों से प्रशासनिक मिलीभगत सामने आ रही है। फैजाबाद के इनायतनगर थानाक्षेत्र के मिल्कीपुर कस्बे से 100 मीटर दूर अमानीगंज मार्ग पर कोई धनाखुर्द के जगराम पासी की पट्टे में मिली खेती की जमीन है।
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इस जमीन को उसके पिता ने मिल्कीपुर के मो. रजा उर्फ पप्पू के पिता को तीन सौ रुपये में गिरवी दी थी। इस जमीन को पप्पू ने अपना बता तीन दिन पहले चारदीवारी बनवानी शुरू की, इसका जगराम ने विरोध किया। लेकिन तहसील प्रशासन व पुलिस ने उसकी कोई मदद नहीं की।

जमीन कब्जाने को लेकर पैदा हुआ डर

इस खेत के आगे लबे रोड अमर बहादुर कोहार की खाता संख्या 248 में 8 एयर जमीन है। अमर बहादुर को लगा कि मो. रजा उसकी जमीन भी अब सत्तापक्ष में अपने मजबूत रिश्ते के चलते कब्जा कर सकता है। ऐसे में अपनी जमीन में 10-12 साल पुरानी मां दुर्गा की मूर्ति व तब से ग्रामीणों के पूजा करने का हवाला दे लोगों के साथ सुबह मूर्ति स्थापित करने लगा।

बताते हैं कि मो. रजा उर्फ पप्पू ने मौके पर जाकर रोकने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों की एकजुटता के आगे वापस लौटना पड़ा। इसी बीच दोपहर एक बजे के करीब मूर्ति हटाने के लिए इनायतनगर पुलिस के साथ मिल्कीपुर के एसडीएम कंचन राम, तहसीलदार जिलालाल, कानूनगो हरिराम कन्नौजिया समेत तहसील की टीम पहुंची।

जैसे ही दरोगा अजेंद्र प्रताप सिंह मूर्ति हटाने को आगे बढ़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया। इससे दरोगा की नाक की हड्डी टूट गई और वह लहूलुहान हो गया। इसी दौरान होमगार्ड अर्जुन के सिर पर भी पत्थर लगने से फट गया। दोनों को सीएचसी लाया गया, जहां पट्टी-इलाज हुआ।

पथराव होते ही अधिकारी बैकफुट पर आ रहे। इस दौरान तहसीलदार को भी चोटें आई है, साथ ही कई और कर्मी भी मामूली रूप से चोटिल हुए हैं।

एसडीएम कंचन राम व कोतवाल दीपन यादव की जीप के शीशे भी टूट गए हैं। ग्रामीणों के उग्र तेवर देख मूर्ति नहीं हटाई जा सकी। मौके पर तनाव के मद्देनजर दो ट्रक पीएसी समेत रौनाही, तारुन, हैदरगंज, बीकापुर, कुमारगंज थाने की फोर्स के साथ रुदौली, बीकापुर व मिल्कीपुर के सीओ डटे हुए हैं।
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विवाद पर यह कहते हैं अफसर

इस पर मिल्कीपुर की एसडीएम कंचन राम का कहना है कि सड़क किनारे अमर बहादुर कोहार का खेत है। उसके पीछे जगराम पासी का खेत है, जगराम ने अपना खेत पप्पू उर्फ मो. रजा को गिरवी रखा है। जिसमें बाउंड्री बनी है।

अमर बहादुर को शक था कि मो.रजा बस जाएगा या मेरे खेत से रास्ता निकाल लेगा। इसी को रोकने के लिए मूर्ति रखने की चाल चली गई। जिसे हटाने गए थे, तो विवाद हुआ है। अमर बहादुर पक्ष को बुलाकर पंचायत चल रही है, अभी मुकदमा नहीं दर्ज हुआ है।

वहीं घटना पर कोईधनाखुर्द के निवासी जगराम पासी का कहना है कि हमारे पिता ने तीन सौ रुपये मो.रजा उर्फ पप्पू के पिता से उधार लिए थे। इसके एवज में पट्टे पर मिली जमीन गिरवी दे दी थी।

तबसे वे लोग जोतते-बोते आ रहे हैं लेकिन तीन दिन पहले मेरी जमीन पर कब्जा करने के लिए पप्पू ने बाउंड्री बनवानी शुरू की। इसकी शिकायत एसडीएम-सीओ समेत तहसील के अधिकारियों व थाने पर लेकर गया, मगर कोई नहीं सुना और एक मंत्री के दबाव में मेरी जमीन में चारदीवारी बनवा कब्जा करा दिया गया।

कोईधनाखुर्द के ही निवासी अमर बहादुर कोहार का कहना है कि सत्ता के दबाव में जब जगराम के खेत को हड़प लिया गया और प्रशासन दंबग के पक्ष में खड़ा रहा, तो मुझे भी अपनी 8 एयर जमीन हाथ से सरकती दिखी। पप्पू ने मेरी जमीन पर नजर गड़ा दी थी। जहां से रास्ता व दुकान बनवाने की बात कर रहा था। ऐसे में जहां 10-12 साल पहले मां दुर्गा की मूर्ति थी। वहीं उसे भव्य रूप दे खेत बचाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।
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