कांग्रेसी नेता संजीव अवस्थी को जाली नोटों के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने के मामले में राज्य सरकार ने अब तक कुल नौ आरोपी पुलिसकर्मियों में से आठ के विरुद्ध अभियोजन की स्वीकृति दे दी है।
जांच से जुड़े ईओडब्ल्यू के अधिकारियों की मानें तो शेष एक पुलिसकर्मी के खिलाफ भी जल्द अभियोजन की स्वीकृति मिल जाएगी।
इसके फौरन बाद ही इनके गिरफ्तारी का सिलसिला शुरू कर दिया जाएगा।
संजीव अवस्थी को साढ़े आठ लाख रुपये के जाली नोटों के साथ गिरफ्तार करने वाले कानपुर स्थित कलक्टरगंज थाने के इंस्पेक्टर दिनेश चंद्र त्रिपाठी व अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति दे दी है।
अवस्थी ने इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ उन्हें फर्जी तरीके से फंसाने की शिकायत की थी। मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है।
गौरतलब है कि इस मामले की जांच कर रही ईओडब्ल्यू ने पुलिस की कहानी को गलत ठहराते हुए फर्जी गुडवर्क दिखाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अभियोजन चलाने की स्वीकृति मांगी थी।
सरकार ने मुकदमा दर्ज करने की अनुमति तो पहले दे दी थी, पर अभियोजन चलाने की स्वीकृति अब दी गई है।
आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ चार बार में अभियोजन की स्वीकृति दी गई।
फिलहाल आरोपी पुलिसकर्मियों में से सिर्फ रामकरन सिंह के खिलाफ ही अभियोजन स्वीकृति नहीं मिल सकी है।
इनकी होगी गिरफ्तारी
कानपुर की कलक्टरगंज कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी इंस्पेक्टर दिनेश चंद्र त्रिपाठी, उप निरीक्षक दिलीप कुमार वर्मा, उप निरीक्षक भारत सिंह, कांस्टेबल मोहम्मद हफीक, कांस्टेबल रमेश चंद्र वैश्य, कांस्टेबल बृजेश बहादुर सिंह, कांस्टेबल रामबरन सिंह, कांस्टेबल हंसराज सिंह और कांस्टेबल राम करन सिंह।