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छुट्टी न मिलने व अफसरों के उत्पीड़न से परेशान दरोगा ने खुद को गोली से उड़ाया, सिस्स्टम पर उठे सवाल

Sun, 10 Jun 2018 12:48 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
मृत पुलिसकर्मी रामरतन और पास ही पड़ी उनकी लाइसेंसी बंदूक। - फोटो : amar ujala

यूपी एटीएस के एएसपी राजेश साहनी के खुद को गोली से उड़ाकर खुदकुशी करने का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि शुक्रवार देर रात दरोगा रामरतन वर्मा ने आलमबाग में लोको चौकी की खस्ताहाल बैरक में लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मार ली। दरोगा की मौके पर ही मौत हो गई। परिवारीजनों ने अफसरों पर उत्पीड़न व छुट्टी न देने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।



पुलिस क्षेत्राधिकारी आलमबाग संजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि हरदोई के कछौना थाना क्षेत्र में यूपी-100 की टीम में तैनात हेड कांस्टेबल से प्रमोट हुए दरोगा रामरतन वर्मा (56) ने हुसैनगंज की लोको चौकी की खस्ताहाल बैरक में निवास बना रखा था।

उससे सटे कमरे में अमीनाबाद कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक वेदप्रकाश यादव रहते हैं। वेदप्रकाश रात 2:10 बजे ड्यूटी से लौटे तो रामरतन की बैरक में बिजली जल रही थी। फर्श पर खून फैला था और बंदूक पड़ी थी। तख्त पर मृत पड़े रामरतन के पैर लटके थे।


नजारा देखते ही वेदप्रकाश ने आलमबाग थाने सूचना दी। रामरतन के परिवारीजनों को जानकारी देने के साथ फोरेंसिक टीम बुलाकर छानबीन की गई। कमरे से सुसाइड नोट नहीं मिला। बंदूक कब्जे में लेने के साथ डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमॉर्टम और उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग कराई गई।

बैरक की थीं दो चाबियां
पुलिस क्षेत्राधिकारी संजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि लोको चौकी की खस्ताहाल बैरक में दरोगा रामरतन वर्मा और आरक्षी दद्दन पांडेय रहते थे। दोनों के पास एक-एक चाबी थी। डाक मुंशी की ड्यूटी करने वाला दद्दन पांडेय परिवार के पास गया था। सुनसान स्थान पर जर्जर हो चुकी इमारत में दरोगा रामरतन के खुद को गोली से उड़ाने की जांच की जा रही है। छानबीन कर रही टीम का मानना है कि पैर लटकाकर तख्त पर बैठे रामरतन ने बंदूक की नाल दाहिनी कनपटी से सटाने के बाद पैर से ट्रिगर दबाया होगा। क्षेत्राधिकारी ने कहा कि बैरक का दरवाजा खुला होने के चलते हर आशंका को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।

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परिवार में मचा कोहराम

रामरतन वर्मा - फोटो : amar ujala
सूचना पर रायबरेली के भदोखर थाने के गांव मुलियामऊ से परिवारीजन मौके पर पहुंचे और रोना-पीटना मच गया। दामाद रामअचल वर्मा ने बताया कि रामरतन के परिवार में पत्नी शिवरती व तीन बेटियां रेखा, सुरेखा और साधना हैं। तीनों बेटियों की शादी हो चुकी है। पांच भाइयों में शिवरतन वर्मा बड़े और रामकमल, लक्ष्मीरतन, लक्ष्मीकांत व शिवमूर्ति वर्मा उनसे छोटे हैं।

कठघरे में सिस्टम: राजेश साहनी की मौत के बाद भी सवाल उत्पीड़न था, इस बार भी
राजेश साहनी की मौत के बाद भी सवाल उठा था कि एक आला अफसर के छुट्टी कैंसल करने से वह खिन्न थे। मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश भी हुई। यही नहीं, राजेश साहनी के मामले से नाराज होकर निरीक्षक यतींद्र शर्मा ने इस्तीफा देने के साथ आईजी एटीएस असीम अरुण पर गंभीर आरोप भी लगाए थे। उन्हें ही राजेश साहनी की मौत का जिम्मेदार बताया था।

इधर, इस मामले में भी दरोगा के परिवारीजनों ने बताया कि रामरतन छुट्टी न मिलने से काफी परेशान थे। अक्सर कहते थे कि अफसर परेशान करते हैं और 15-16 घंटे की ड्यूटी करनी पड़ती है।
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