लखनऊ। सीआईडी में तैनात एएसपी मुकेश प्रताप सिंह और उनके परिजनों के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर महानगर अखिलेश कुमार मिश्र के मुताबिक आरोपियों के बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके लिए नोटिस भेजा गया है। बयान के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।
पुलिस आरोपी एएसपी के घर में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज कब्जे में लेगी। एक टीम घटनास्थल का निरीक्षण भी करेगी। फोरेंसिक टीम की ओर से जुटाए गए साक्ष्य की रिपोर्ट विवेचना में शामिल की जाएगी। घटना के दिन पुलिस ने फुटेज चेक की थी, जिसमें एएसपी की पत्नी नितेश फंदा लगाते दिखी थीं। इंस्पेक्टर का कहना है कि एफआईआर दर्ज कराने वाले नितेश के भाई प्रमोद कुमार का बयान भी दर्ज होगा।
मूल रूप से फिरोजाबाद के नगला करन सिंह निवासी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रमोद कुमार की तहरीर पर मुकेश, उनके पिता रमेश चंद्र, मां सुधा, भाई तहसीलदार अनुभव चंद्रा और बहन आस्था के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज की गई है। माना जा रहा है कि विवेचना में पुलिस हत्या की धारा को आत्महत्या के लिए उकसाने में बदल सकती है। नितेश की मौत के बाद उनके तीनों बच्चे मामा के घर पर हैं।
उल्लेखनीय है कि 30 जुलाई को नितेश का शव पुलिस लाइन स्थित उनके आवास में फंदे पर लटका मिला था। मामले में प्रमोद ने मुकेश पर साजिश के तहत हत्या का आरोप लगाया था। उनके मुताबिक एक महिला से नजदीकी संबंध होने के कारण मुकेश उनकी बहन को प्रताड़ित करते थे। इटावा निवासी मुकेश की 30 नवंबर 2012 को नितेश से शादी हुई थी।